1. आधार कार्ड बताता है सबका सच्चा रिकार्ड 2. बंद गुफा से निकलते हैं नेता पाँच साल में 3. जरूरी काम करें निराकरण प्राथमिकता 4. सब बढ़ाओ मेहनत करके काबिलियत 5. बिन लक्ष्य के बेकार हो जाती है सारी कोशिशें परिचय:- अशोक कुमार ढोरिया मुबारिकपुर(हरियाणा) Post Views: 34

1. हमारी सुनो सोच समझकर अपनी कहो 2. सबकी सुनो आत्ममंथन करो मन की करो 3. मीठा होता है मेहनत का फल दुःखों का हल 4. राहें पड़ी हैं चुनकर चलना कहाँ जाना है? 5. लक्ष्य की धुन अपनी जिंदगी में सोच के चुन परिचय:- अशोक कुमार ढोरिया मुबारिकपुर(हरियाणा) Post […]

वैश्वीकरण के इस दौर में सांस्कृतिक अन्तःक्रिया और समंजन की प्रकिया में एक त्वरा परिलक्षित हो रही है। संस्कृति के महत्तम-अवयव के रूप में साहित्य भी इससे असंपृक्त नहीं है। इस संदर्भ में दृष्टव्य है कि भारतीय-भाषाओँ में जहाँ पहले सिर्फ अंग्रेजी-काव्य का व्यापक प्रभाव था, वहीं आज जापानी-काव्य-विधाओं ने […]

1. पेड़ लगाओ संतुलन बनाओ सृष्टि बचाओ 2. गिरा देती है ओछी मानसिकता मानवता को 3. हरे हो जाते चुनाव समय में वादों के पौधे 4. सूख जाते हैं कुर्सी पर आते ही वादों के पौधे 5. तैयार खड़े स्वागत करने को फूल लेकर #अशोक कुमार ढोरिया मुबारिकपुर(हरियाणा) Post Views: […]

सावन – झूले मैके  याद दिलाते खुशियाँ  लाते सावन –  बाट जोहती हैं  बेटियाँ झूले का पाट मेघा गरजे झमाझम  बारिश धरा हरषे गायब हुआ पुराना वो सावन मनभावन रक्षा बन्धन संवेदना  का पर्व नेह  -बन्धन आओ  झूम लें पानी में  खूब भीगे घृणा  मिटाएं सावन- झूले बाबुल   याद आये […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।