अय्याशी का अड्डा बन चुके सांसद साहब के फार्म हाउस में नित नये-नये कारनामे हो रहे थे, परंतु शहर के किसी समाचार पत्र, न्यूज़ चैनल पर इस संबंध में कभी कोई खबर नहीं आई । फार्म हाउस में आधुनिक सब सुख सुविधाएं उपलब्ध थीं । स्विमिंग पूल, डांस फ्लोर, जिम, […]

चैराहे के नुक्कड़ पर बैठे चार दोस्त अखबार के पन्नों को दीमक की तरह चाट रहे थे । अचानक शैलेश की निगाह अखबार के पन्ने पर छपी एक युवती की तस्वीर पर टिक गयी । वह अपने दोस्तों से बोला – ” इधर देखो ! कितनी खूबसूरत लड़की की तस्वीर […]

तुम से मेरा परिचय लगभग पैंतीस साल पुराना है। तुम औरों के लिए भले ही हरसिंगार के एक पेड़ मात्र हो मगर मेरे दिल में तुम्हारे लिए एक ख़ास जगह है। तुम मेरे घर के आँगन में सिर्फ एक पेड़ नहीं हो, तुम घर के द्वार पर मुस्तैद खड़े घर […]

चिन्टू बहुत देर तक उत्सुकता के साथ किताब को उलट-पलट कर देखता रहा फिर वहीं खड़े-खड़े वह एक कहानी को पढ़ने लगा । दुकानदार उसको घूर कर देख रहा था । चिन्टू एक दो दिन में उसकी दुकान पर आता और कोई न कोई किताब मांगता और पढ़ने लगता फिर […]

हेलो सर, एक ब्रेकिंग न्यूज़ है। संवेदनपुर चौराहे पर कुछ लड़के एक बुजुर्ग को पीट रहे हैं। -क्या पीटने वाले हिन्दू गुंडे और पिटने वाला मुसलमान है? -नहीं सर… तो फिर मारने वाले मुस्लिम आतंकवादी और मार खाने वाला हिन्दू होगा…? -जी नहीं सर..! -फिर ऊंची जाति नीची जाति वाला […]

प्रदेश में चुनाव होने वाले थे । मुख्यमंत्रीजी के स्वभाव में अचानक से बदलाव होने लगा । वे मरखने सांड से सीधे भोली भाली दुधारू गाय बन गये । पिछले पांच साल से वे पुलिस के बल पर राज कर रहे थे । ये तो जनता ही जानती है कि […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।