सोना चांदी हीरे मोती, तो तुम पहले बेच चुके। बचा हुआ था साहित्य, जिसको अब तुम बेच रहे। सब कुछ खत्म हो जायेगा, बस थोड़ा सा इंतजार करो। वो दिन भी अब दूर नहीं, जब स्वंय को ही खोजोगे।। क्योंकि, अब तो साहित्य बिक रहा, गली मोहल्ले और चौराहो पर। […]

शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा का आओ मिलकर आव्हान करे कल्याण करे जगत का वह ऐसा हम अनुष्ठान करे नारी जाति के सम्मान से ही माँ दुर्गा प्रसन्न हो सकती है कन्या को सब देवी समझे उपकार तभी वह कर सकती है दया नही उसको अधिकार दो सम्मान से जीने का […]

गरीबी क्या होते है किसी किसान से पूछो। ये वो शख्स होता है जो खाने देता अन्य। परन्तु इसकी झोली में नहीं आता उसका हक। इसलिए यही से गरीबी का खेल शुरू हो जाता है।। कड़ी मेहनत और लगन से किसानी वो करते है। कितना पैसा और समय वो इस […]

हे माँ नवदुर्गा तुम्हे नमन भारत को बना दो तुम चमन कोई भी नारी अबला न हो कोई कन्या भूर्ण हत्या न हो कन्याओ की जय जयकार रहे हर घर यहां खुशहाल रहे हर कन्या देवी स्वरूपा लगे उसके लिए सम्मान जगे वह भेदभाव की शिकार न हो उपेक्षित कोई […]

आज तो हर संचार मीडिया पर मां ही तो छाई है, तो फिर वो वृद्ध आश्रम में किसकी मां आई है, आज नारी का शोषण करने वाले ही मां को मानने वाले है नारी को वासना की निगाहों से ताड़ने वाले वो औरत भी तो किसी की बहिन या माई […]

मां कोटि कोटि तुझे प्रणाम, करते तुझे हम सुबह शाम। मां सर पर रहे तेरा सदा साथ, कभी न छूटे तेरा हमसे साथ। तुम दुनिया की रखवाली हो, बिगड़े काम बनाने वाली हो। करे याद तुझे हम सुबह शाम। मां कोटि कोटि तुझे है प्रणाम।। मन में न आये कोई […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।