आया है आज फिर से गणतंत्र दिवस अपना, लेकर कई जाबाज़ों की यादों को साथ, मत भूलना क़ुर्बानी को उनके एक पल को भी, जिनके बलबूते गणतंत्र का तिरंगा फहरा रहे आज। नहीं मिला अपना संविधान इतनी आसानी से हमें, करनी पड़ी मेहनत लगातार अनेक दिन और रात, कितने ही […]

आओ गणतंत्र दिवस मनाएँ, नाचें, गायें, मदमस्त हो जाएँ। स्वतंत्रता का जश्न मनाएँ, ख़ुद को स्वच्छन्द नहीं, स्वतंत्र बताएँ। भगतसिंह, सुखदेव, सद्गुरू की, निःस्वार्थ बलिदानी को याद करें। बापू, नेहरू, सुभाष चन्द्र बोस की, कुर्बानी को हम याद करें। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की वीरता का, हम सच्चे मन से स्मरण […]

आज़ाद तो देश को कर गए पर दुश्मन, जाते-जाते भी समस्याओं का पुलिंदा थमा गए बँटा हुआ था देश हमारा कोई न था किसी का सहारा छः सौ से भी ज़्यादा थीं रियासतें सांप्रदायिकता की थी बड़ी ताकतें लौह पुरुष पटेल ने ज़िम्मा उठाया अनेकता में एकता को दर्शाया फैली […]

26 जनवरी गणतंत्र दिवस हमारा शहीदों ने, क्रांतिकारियों ने अपना सर्वस्व लुटा कर देश को आज़ाद कराया बुज़ुर्ग देशभक्तों ने जनता को शामिल कर भारत का संविधान बनाया 26 जनवरी 1950 से पूरे देश में लागू हुआ इसीलिए 26 जनवरी गणतंत्र दिवस कहलाया 26 जनवरी गणतंत्र दिवस है हमारा। आज़ादी […]

सभी अधिकारों का रक्षक अपना यह गणतंत्र पर्व है, प्रजातंत्र ही मंत्र हमारा हम सब को इस पर गर्व है। आज़ादी के दीवानों का स्वप्न सच कर दिखाएँगे, ऐसे हम स्वाभिमान से गणतंत्र दिवस मनाएँगे। हर्ष, जोश और उमंग संग मैं मन मन मुस्काई, ख़ुश मुझे देख कामवाली बाई छुट्टी […]

सन् उन्नीस सौ पचास में गणतंत्र जन्मा सतत् यह ऊँगली थामे नेताओं की चलता संसदों की गुँजारों से बनता बढ़ता रहता अच्छा लगता न्यारा सारा संविधान हमारा अख़बारों की कुख़बरों से मन उचट जाता आती तेरी याद बहुत सारी भारत माता एक ही बात निकलती दिल जब भर आता संविधान […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।