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क्या इस पर भी विचार करेंगे शिक्षाविद,नेता और आप-हम कि, विधि की अवधारणा होती है कि,देश के कानून का ज्ञान हर व्यक्ति को होता है। तथ्य की भूल क्षम्य है,किन्तु विधि की भूल अक्षम्य है। कोई भी व्यक्ति विधि की अनभिज्ञता का बचाव लेकर निर्दोष नहीं बन सकता है। बड़ी […]

शक्ति स्रोत हे युवा मण्डल,तत्क्षण होश में आओ, काल गया अब सोने का,जागो औरों को भी जगाओ। युग जननी अकवार पसारे,कब से करती आह्वान, संग उठो फौलादी हाथों से,संभालो माँ का दामन। संभालो माँ का दामन,कहीं यह उड़ न जाए, पुनः गुलामी के शिकंजे,तुम्हें जकड़ न जाए। देश में फैली […]

आँख फाड़ देने वाला ऐसा सच कि,पढ़कर आप भी आश्चर्यचकित रह जाएंगे ? भारत में कुल ४१२० विधायक और ४६ एमएलसी हैं अर्थात कुल ४५८२ विधायक हैं। प्रति विधायक वेतन-भत्ता मिलाकर प्रति माह एक पर २ लाख का खर्च होता है,अर्थात ९१.६४ करोड़ रुपया प्रति माह। इस हिसाब से प्रति […]

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पाकिस्तान एक मुल्क है, मुल्क जैसा मुल्क.. बाकी मुल्कों जैसा लेकिन, कुछ अलहदा कुछ ज्यादा। ज्यादा इस कदर, कि एक लाल डोरी जो खिंची है सीमा पर.. चमकती है बदस्तूर सियासतदानों की आँख में भी, यह लाल डोरी.. प्राण डोरी भी है राजनीति की, दलों की.. सियासतदानों की। मुल्कों में […]

अंतरराष्ट्रीय `मातृभाषा दिवस` के अवसर पर कोलकाता में जुटे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की यह सम्मिलित आवाज थी-‘हिन्दी बचाओ मंच’ की ओर से ऐतिहासिक कॉलेज स्क्वायर स्थित विद्यासागर पार्क के मुख्य द्वार पर। कलकत्ता विश्वविद्यालय के सामने भोजपुरी और राजस्थानी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग और मनोज तिवारी सहित कुछ […]

फिल्में सामान्य जीवन पर जल्दी असर करती हैं सामाजिक जीवन में, वैसे फिल्मों में काम करने वालों की कार्यशैली ऐसी ही है कि,वो एक प्रकार के उच्च व्यवसायिक तरह का जीवन जीते हैं। ऐसे में इनसे अच्छे संस्कार की उम्मीद बेइमानी है,यानी न के बराबर। सरकार (अधिकारियों )और नेताओं को […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।