मुट्ठी भर सबल नारियों से, नारी नहीं हो सकती सबला.. देखो जाकर हर गली मोहल्ले, नारी की क्या हो रही दुर्दशा। है यह पुरूष प्रधान समाज, नारी को क्या महत्त्व देगा.. पैरों तले रौंदकर अपने, जख्मों से भरा उपहार देगा। वस्त्र हटा के अंग देख लो, किसी तुम दुखिया नारी का.. रक्त वर्ण […]

विश्व वन्दनीय वात्सल्य मूर्ति साकार, ‘माँ’स्वयं ही है एक परिपूर्ण संसार.. दूर करे जो मन के,सब क्लेश विकार। ‘माँ’ के स्पर्श में छिपा सुकून अपार, पहाड़-सी विपदा हो जाए बेड़ा पार. ‘माँ’ के आशीष से मिले सब संसार। चाहे सुख,या दुःख की बहे बयार, ‘माँ’के आँचल में दुआओँ की बहार.. […]

वे परसाईं जी के सबसे बड़े प्रेमी हैं, और परसाईं-प्रसाद बाँटने वाले इकलौते वितरक भी।जब भी वक्तव्य देते हैं,परसाईं से नीचे नहीं उतरते।आशय यह कि,परसाईं पूरी तरह उनके मुँह लग चुके हैं। इस बात को वे कई बार साबित भी कर चुके हैं। उनके पास परसाईं के हाथ की लिखी […]

चलो हम सजाएं धरा से गगन तक, खुशियाँ बिछाएं धरा से गगन तक। रुकेंगे न अब हाथ मरु में सृजन तक, बिखेरेंगे खुशबू धरा से गगन तक। पढ़ा तुमने गीता कुरान और बाईबल, पढ़ा हमने केवल धरा से गगन तक। नफरत हमारी रगों में नहीं है, पूजा सभी को है […]

गंगा दूषित हो जाएगी,लज्जित होते भूप मिलेंगे कलयुग में न जाने कितने,जयचंदों के रूप मिलेंगे। सब मनु रोगी हो जाएंगे,सैनिक लोभी हो जाएंगे, नित्य नए नव धर्म चलेंगे,साधु भोगी हो जाएंगे। सागर को उपदेशित करते,जग के सारे कूप मिलेंगे, कलयुग में न जाने कितने,जयचंदों के रूप मिलेंगे। ज्ञानी मौन रहेंगे […]

  सामना घनघोर है भाई, आदमी कमजोर है भाई। कौन अपनी सुन रहा है, हो रहा अब शोर है भाई। आप हैं महफूज़ उससे, उसके दिल में चोर है भाई। चल रही है साँस जब तक, हौंसला पुरजोर है भाई। साथ अपने ही चलेगी, जो गले की डोर है भाई। […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।