उदगम् स्थल में,अति सूक्ष्म- सी, कल कल मस्ती में,शैशव-सी जिंदगी नदी-सी। मुश्किलों से भिड़ जाती बाधाओं, पर्वतों से टकराती- सी, जिंदगी नदी-सी। जहाँ से जाती बालू सिमटाती सब प्रेम भरे रिश्तों नातों-सी, जिंदगी नदी-सी। मैदानों में शांत चित्त-सी, प्रपातों में उग्र व्यग्र-सी.. जिंदगी नदी-सी। सभ्यताओं के संग बहती-सी, लेकर सब […]

टिक न सकेगा कपट का, फर्जी …माया जाल। कुलभूषण के केस में, हुई जीत …हर हाल। हुई जीत हर हाल,मुकदमा भारत …जीता। थुड़ी पाक की हुई,झूठ का दगा…पलीता। कह ‘अरविन्द’ समझाय, भले हो…छम्ब,बटालिक। सदा सत्य की विजय,झूठ कैसे सकता टिक ?                   […]

दुनिया से डरने वाले,कब प्यार करते हैं, कशमकश में रहने वाले जीते ना मरते हैं। जो लोग सोचते रहते,दो राहे पर खड़े होकर, मंजिलों के सरताज,कभी बना नहीं करते हैं। बढ़ाई थी धड़कनें जिसने तेरे दिल की, वो आज भी तेरी हाँ का इंतज़ार करते हैं। कहती हो किनारा कर […]

वे वे अमीर हैं, रहने दो उन्हें अमीर करदो कैद उन्हें उनकी अमीरी के साथ। मत घूमो उनके चारों ओर उनकी पानी,कोक,बीयर, व्हिस्की की पुकार को गूंजने दो। अमीरी के महल में, पड़ी रहने दो खाली बोतलें, गंदे चादर, झूठी प्लेंटे,घूरा बनी डाइनिंग, जमीन पर सफेद और लाल दाग बने […]

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अँधेरा हैं चारों तरफ, कोई दीवाना चाहिए मिटा दे जो अंधेरों को, दीपक जलना चाहिए। भरोसा भोर का है नहीं, रात भी है रकीब जैसी ढूँढ लाए जो शमां को, ऐसा परवाना चाहिए। फलक तक जाना चाहो, आसमां से करने बातें परिन्दों सी जो नीयत हो, उसे उड़ जाना चाहिए। […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।