अदा से,इनायत से,बनावट से डरता हूँ। मुझे मुहब्बत है,मैं अदावत से डरता हूँ॥ दिल में कुछ व जुबां पर कुछ और हो। मैं अब ऐसी झूठी दिखावट से डरता हूँ॥ गुलशन का एक महकता फूल हूँ मैं। मौसम की तेज गर्माहट से डरता हूँ॥ मुझे भंवरों की सनक मालूम है […]

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याद आने लगे,बीते वो दिन गुजरे वो दिन, कैसे रहे हम सनम,तेरे बिन ओ सनम तेरे बिन। कटते नहीं मेरे दिन,कटती नहीं  रातें, याद आती है बहुत,वो तेरी मुलाकातें। अब तो जीना नहीं है सनम, तेरे बिन ओ सनम तेरे बिन।याद आने लगे बीते वो दिन, गुजरे वो दिन॥ आस […]

जय भारत उदघोष हुआ था, तोलोलम की चोटी पर… हर बेटा पानी फेर रहा था दुश्मन के बारूद की पेटी पर। जाली बंकर तोड़ घुसे थे, शेर वीर,उन कायर के पाक में बादल काले थे.. जब हौंसले बोले,विक्रम के चढ़ना इतना आसां न था, दुश्मन जहां थे ऊंचे पहाड़ों पर […]

ये दो नीली लकीरें बताती हैं, वो पढ़ता तो है मुझे पर जवाब नहीं देता.. मेरी धड़कन रोज़ बताती है, वो याद तो करता है मुझे पर बात नहीं करता। दिल तो मेरी तरह उसका भी होता है, फोन करुं.. पर फोन लगा नहीं पाता, ये दिल कमबख्त तय नहीं […]

तूफ़ानों में थामते,जो सत की पतवार। होती है भव से सदा,उनकी नैया पार॥ विपदा काले धारते,जो अंतस में धीर। विजय वरण करते सदा,केवल वही सुधीर॥ तूफ़ानों से जो लड़े,हुए अंततः पार। कोशिश की होती नहीं,कभी किसी युग हार॥ तम की छाती चीरकर,निकली किरण सुदीप। जब मन में रोशन हुआ,आशाओं का […]

हमारे देश में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं है,बल्कि एक धर्म है,और इस धर्म के भगवान हैं दुनिया के सबसे शानदार व सफल बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर। हमारे यहां क्रिकेटर होना कोई साधारण बात नहीं है। यहां तो क्रिकेटर हर दिल की धड़कन होते हैं, और फिर किसी भी मैच के […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।