कविता हृदय का स्पन्दन है,यूँ कहा जाए कि स्वत: स्फूर्त आत्मिक उदगार  जब संगीत से तारतम्य लेकर काव्यशास्त्रीय शैली में प्रस्फुटित होते हैं तो कविता बन जाते हैं। कविता हृदय की स्वाभाविक अनुभूतिपरक प्रक्रिया है,जिसे हम दैवीय अनुकम्पा भी कह सकते हैं। लिखना एक अलग बात है,और कविता लिख देना […]

दिखावे की होड़ भी, लगती मृगतृष्णा-सी .. जब पैसों के पीछे, भागता है इंसान| समय और पैसा, जैसे रिश्तों से ज्यादा.. अहमियत रखता हो, तभी दौड़ -भाग के खेल में हो जाते हैं रिश्ते कमजोर| और तो और, दिखावे की होड़ में.. उड़ने पर जल जाते, उम्र के पँख | शायद, […]

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स्नेह की धारा है वह, है वात्सल्य की मूर्ति , वीरुध वही,वन वही, कालिका की वो पूर्ति | राष्ट्र,समाज और परिवार को वो समर्पित, स्व पर,हित को करती प्राण भी अर्पित | वाणी वही,गिरिजा वही,है दामिनी भी वह, कल्पना वो,प्रतिभा वही है,कामिनी भी वह| किरण है वह,है सुभद्रा,है महादेवी भी […]

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आज ‘वेलेन्टाईन डे’ है यार,कोई मस्त लव स्टोरी सुना..अरे!कहाँ खोई है अंकिता? बोल न कुछ,चल बता क्या हुआ ? अंकिता ने कहा-‘कुछ नहीं रिया, मैं ठीक हूँ। रिया-‘देख ! अंकिता,तू अपनी माँ की कड़वी बातों को दिल पर न ले,एक दिन उनकॊ पक्का पता चलेगा कि उनकी बेटी कितनी टेलेंटेड […]

उपन्यास अंश आज सुबह आँख खुलने के साथ ही एल्विस को काकी की याद आई। वैसे काकी की याद तो उसे रोज ही आती थी, मगर आज रात उसने सपने में काकी को देखा था। वे कह रही थी – ‘बेटा, मैं शिप्रा के प्रवाह में हूँ…शिप्रा की लहरों में […]

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ब्रजेन्द्र नाथ मिश्र आज कल एक अजीब चलन चल गया है। शिष्टता की सीमा लांघना, बेवाकीपन और बोल्ड कहा जाने लगा है।  अगर उसे कोई स्त्री , स्त्री विमर्श से जोड़कर उसे महिमामंडित करे तो वह बड़ी खबर बन जाती है। उसे वैश्विक स्तर पर भी स्वागत किया जाने लगा […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।