भोपाल। म.प्र. साहित्य अकादमी भोपाल के निदेशक उमेश कुमार सिंह द्वारा भव्य समारोह में इन्दौर की लेखिका डॉ.सुधा चौहान को ‘मध्यप्रदेश तुलसी साहित्य अकादमी’ सम्मान से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय स्तर पर भोपाल में किया गया,जिसमें भोपाल के  साहित्यकार व गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लिया। कुल […]

अंत अगर पहले लिख जाए, समय निकट अहसास कराए जीवन पथ में सृजन करें कुछ, जो सकारात्मक राह दिखाए। चहुँओर जब अंधकार घिरा हो, बचपन व्याकुल मचल रहा ह शिक्षा के तब दीप जलाकर, बचपन को नई राह बताएं। सब कुछ पाने के चक्कर में, क्यों कुछ के सुख को […]

मेरी जीत में मेरे दुश्मनों का भी बड़ा हाथ रहा, वो खाईयां खोदता रहा मैं पहाड़ चढ़ता गया, उसके पास ईर्ष्या की कुदाली थी मेरे पास हौंसलों के पंख। मैं बढ़ता गया वह देखता रहा, जब मैं लौटा आसमां की बुलंदियां छूकर, एक हाथ में सूरज और एक हाथ में […]

सर्व कल्याण की कामना कीजिए, खुश रहें सब सदा ये दुआ कीजिए। मुश्किलें राह में हों हज़ारों मगर, फ़र्ज अपना हमेशा अदा कीजिए॥ पास हो आप तो पास है ज़िन्दगी, वाह क्या खूब अहसास है ज़िन्दगी। आपने हाथ थामा हमें यूँ लगा, खास है खास है खास है ज़िन्दगी॥ दिल […]

`साहब` किसी भी प्रजाति का हो,साहब ही होता है। साहब की कई प्रजातियां होती हैं। साहब को साहब मानने का एक ही आधार है। साहब का एक पी.ए.(निज सहायक) हो। बिना पी.ए. साहब नहीं होता,और साहब के बिना पी.ए. नहीं हो सकटा है। इसमें एक फजीहत है। जिस तरह अस्पतालों […]

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माता-पिता के गुजर जाने से, घर को संभाल रही बेटियाँ। कांधा देकर-अग्निदाह करके, संस्कृति निभा रही बेटियाँ l बेटों के बिना बेटा बन के, लोगों को दिखला रही बेटियाँ। वेशभूषा से पहचान मुश्किल, कहते हैं कि बेटे हैं या बेटियाँ। वाहन चलाने से डरती थी, हवाई जहाज उड़ा रही बेटियाँ […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।