महाराष्ट्र सरकार,प्लास्टिक मुक्त राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही हैl महाराष्ट्र राज्य में अगले साल के मार्च से पीने की पानी के लिए प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगाl स्वामी विवेकानंद जी से एक अमेरिकन ने पूछा-भारत और अमेरिका में क्या अंतर है ? विवेकांनद जी […]

जी करता है बच्चा बन जाऊं, फिर से मैं ख्यालों में खो जाऊंl  ना हो फिर कोई परवाह मुझे, कुछ ऐसा फिर जीवन पा जाऊंl  सुबह होते ही सबसे पहले, टॉफी पाने की जिद में अड़ जाऊंl  जाना न पड़े कभी स्कूल मुझे, अपने लिए रोज बहाना बन जाऊंl  कर […]

राजस्थान के पादप से एक कली खिली थी पदमावती,                                                                              सूरत के साथ […]

बेटियों की स्थिति देखकर, आज हमें रोना आता है। क्योंकि जन्म देने वाली माँ, राखी बांधने वाली बहन प्यार करने वाली प्रेयसी, या हमें खुद से ज्यादा, प्यार करने वाली पत्नी सबकी सब बेटियां हैं, चाहे हमारी या आपकी। हमने और हमारी संस्कृति ने, जिसके लिए कहा है कि जहाँ […]

हवा,घटा नभ,चन्द्र चीर उड़ते पक्षी नदिया का नीर, जब रह-रहकर छू जाते हैं… कुछ शब्द यूँ ही, गिर जाते हैं…l उदधि हिंडोले सूरज की पीर, परवत का पौरूष धरती का धीर, जब रह-रहकर छू जाते हैं… कुछ शब्द यूँ ही गिर जाते हैं…l नव कोपल की शैशव-सी गात, हिलती शाखों […]

माता-पिता की प्रेरणा से, आज ये मुकाम कड़ी मेहनत-लगन से हासिल हुआ है। माता-पिता ने सच्चाई के रास्ते पर चलना बताया था, वही प्रेरणा वही राह चलकर आगे चला था। रास्ते की हर मुश्किल को संघर्ष करके पार किया था। वही राह वही मेहनत हमारे काम आई, जीवन की यह […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।