seema shivhare
भारत की बेटी चीख रही
इसे कौन बचाने आये।
जागो भारत वासी जागो
अनन्याय ही बढ़ता जाये।

नित नन्ही सी कलियों पर
बेरहम प्रहार क्यों हाय।
तन संग मन भी होता घायल
भेड़ियों को कौन समझाये।

निसहाय ,निःवस्त्र ,कंपित काया
खुद को झाड़ियों में छिपाये।
वो सोच रही मेले तन से
कैसे प्राणों को छुड़ाये।

भारत की बेटी…….बढ़ता जाय।

बेशर्म ,निर्लज्ज गिध्द के समूह
धरती का बोझ बढ़ाये।
हर बेटी की अब पुकार है ये
इनको फाँसी हो जाये ।

इस कलयुग में द्रोपदी तुझको
कैसे घनश्याम बचायें।
सीमा कलम में इतनी धार करे;
पापियों का मुण्ड अलग हो जाए।

भारत की ………बढ़ता जाय।

परिचय :

 नाम:-सीमा शिवहरे’ सुमन’ 
जन्म तिथी:-10/11/1980
वर्तमान पता:-भूमिका रेसीडेंसी B ब्लाॅक फ्लैट  नं.
E-4 मंदाकिनी शिर्डीपुरम कोलार भोपाल म.प्र.।
शिक्षा:-बी.ए. अंग्रेजी साहित्य 
          एम.ए.राजनीतिक विज्ञान।
कार्यक्षेत्र:भोपाल 
सामाजिक क्षेत्र:-
विधा:-कविता, काव्य  व्यंग्य ,मुक्तक, लघुकथा,  कहानी ,गीत हिन्दी  बुंदेलखण्डी, मालवी  बोलियों में।
प्रकाशन:-काव्य संग्रह’ वो नीम का पेड़’ 2017
साहित्यक सम्मान :-1.हिन्दी सेवी सम्मान 2017
   2.कल्चुरी गौरव सम्मान 2018(भोपाल)
     3.   नव लेखन सम्मान 2018 (भोपाल )
       4.अखिल भारतीय  महिला साहित्य सम्मान ।
               मेरठ (  दिल्ली से)
ब्लाग :-
अन्य उपलब्धियाँ:- 1.बेहतर नृत्य निर्णायक के लिए खेल युवा कल्याण विभाग द्वारा सम्मान ।
2.समाज सेवा के लिए एल.एन.सी.टी.ग्रुप द्वारा सम्मान ।
3.बेहतर मंच संचालन के लिए कल्चुरी समाज,
    दामिनी की आवाज एवं श्यामा प्रसाद मुखर्जी समिति द्वारा सम्मान ।
लेखन का उद्देश्य :- अपने साहित्यिक लेखन से 
समाज एवं देश  में बदलाव लाकर एक अच्छे-सच्चे प्रगतिशील समाज का निर्माण करना।

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