aashutosh mishra
देखकर बेटों के झुंड को
डर बेटियाँ जो जाती  हैं।
डर  राहों मे  मनचलों से
हौसला उनका बढ़ाती हैं।।

प्रत्येक जगह आज स्वयं
को न ये सुरक्षित पाती हैं।
बस सोशल साइट पर ही
रहा करती दम दिखाती हैं।।

धधकता तेज फेसबुक से
धरातल पर भी लाना होगा।
कर के बाहुबल से सामना
अपना भय  मिटाना होगा।।

कर तुम सकते बहुत कुछ
अब करके दिखाना होगा।
नारियां किसी से कम नही
यह  सबको बताना  होगा।।

बेटियों को विश्वसुंदरी नही
अब श्री दुर्गा बनाना होगा।
मनचले बेटों को अब उन्ही
की भाषा मे समझाना होगा।।

त्रुटि एक है और बेटियों मे
जो बात घरे नही बताती हैं।
भोग दुःख स्वयं संग मे वह
पूरे परिवार  को रूलाती हैं।।

#आशुतोष मिश्र 
तीरथ सकतपुर

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