हिन्दी दिवस पर विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित*

Read Time3Seconds
PicsArt_09-17-11.52.43
वारासिवनी ।
हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को मातृभाषा उन्नयन संस्थान की स्थानीय इकाई व अन्तरा शब्दशक्ति प्रकाशन द्वारा नगर के नेहरु चौक स्थित सुराना फैशन में निबंध लेखन, स्मरण शक्ति प्रतियोगिताओं के साथ लघु नाटिका, परिचर्चा व काव्य गोष्ठी आयोजित की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथी समाजसेवी केदारनाथ जी रूसिया व अध्यक्ष बालाघाट के वरिष्ठ साहित्यकार अशोक सागर मिश्र जी रहे । सभी प्रतियोगिताएं दो वर्ग वरिष्ठ व कनिष्ठ में पृथक रुप से रही। जिसमें शहर की साहित्यिक प्रतिभाओं के साथ बच्चों ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया ।
निबंध का विषय “हिन्दी का महत्व” था, जिसके परिणाम क्रमश:
*वरिष्ठ वर्ग*
*निबंध प्रतियोगिता*
प्रथम- पूनम गोलछा
द्वितिय- वंशिका रूसिया
तृतीय- राजश्री तिवारी
*स्मरण शक्ति प्रतियोगिता*
प्रथम- प्रिया सुराना
द्वितिय- पूनम गोलछा
तृतीय- पूजा रूसिया
*कनिष्ठ वर्ग*
*निबंध प्रतियोगिता*
प्रथम- वाणी गोलछा
द्वितिय- सान्या सुराना
तृतीय- निशि सिंघई
*स्मरण शक्ति प्रतियोगिता*
प्रथम- सान्या सुराना
द्वितिय- वाणी गोलछा
तृतीय- यश रूसिया
प्रतियोगिताओं का निर्णय आदरणीय केदारनाथ रूसिया जी, अशोक सागर मिश्र जी एवं राजेन्द्र शुक्ल सहज जी ने किया।
वाणी गोलछा, सान्या सुराना, निशि सिंघई, यश रूसिया, रिद्धि संचेती, स्तुति संचेती, शुभ संचेती, भूमि गोलछा, वासु रूसिया, चारु , कनक, वंशिका रूसिया सहित जैनम व जयति सुराना उपस्थित रहे। साथी वरिष्ठ वर्ग में पूजा रूसिया, वर्षा सोहाने, प्रिया सोहाने, सुभी सोहाने, श्वेता संचेती, कमलेश संचेती, पूनम गोलछा, राजश्री तिवारी जी ने प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया।
        प्रतियोगिताओं का आयोजन नगर की साहित्यकार, मातृभाषा उन्नयन संस्थान की राष्ट्रीय महासचिव डॉ प्रीति सुराना, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अदिति रूसिया व जिला कार्यकारिणी सदस्य मीना विवेक जैन ने किया प्रतियोगीता के बाद काव्य गोष्ठी का आयोजन किया जिसमें नगर की काव्य प्रतिभाएं साहेबलाल सरल, साजिद खान, सरिता सिंघई, राजेंद्र शुक्ल सहज , राजश्री तिवारी, दिनकर राव दिनकर, प्रणय श्रीवास्तव एवं स्वप्निल डोंगरे आदि ने काव्यपाठ किया। श्रोताओं में संजय रूसिया, ऋषि तिवारी सहित नगरवासी भी सहर्ष उपस्थित रहे।
          अंत में आयोजक डॉ. प्रीति समकित सुराना ने आभार व्यक्त किया। स्वल्पाहार के बीच में प्रथम द्वितीय व तृतीय सहित सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन पुरुस्कार प्रदान कर हिन्दी दिवस की सार्थकता स्थापित की गई।
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

 छोटी सी गुड़िया

Mon Sep 17 , 2018
चाँदनी रात में तारो को , देखके सोचू ,        काश ! कोई सितारा मेरे आँगन में उतरता । मेरे घर में आये एक छोटी सी गुड़िया ,           मेरा आँगन भी आसमान सा निखरता ।। अब तो खुदा !  सुन मेरी पुकार , […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।