*वहशी दरिंदा*

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 श्यामली आज अचानक अपने बचपन की सहपाठी  टीना से मिलने आयी।
डॉक्टर टीना  मरीजों को देख रही थीं ।
अपने केबिन में श्यामली को बैठा कर पलंग पर लेटी एक बारह वर्षीय बालिका के पास गईं ,जो बहुत ही कमजोर लग रही थी,
 शायद खून की कमी होगी ।
“क्यों अब तो खून नहीं जा रहा”
“ठीक तो है”
लड़की ने न में गर्दन हिला दी।
  “ठीक है, अब आइंदा से ऐसा न हो ध्यान रखना”
 नर्स को उसकी देखभाल करने कह कर वह  आ गई
जिज्ञासा वश श्यामली ने पूछा “क्या हुआ इस बच्ची को”
 “होगा क्या बस वही एक कहानी”
“चार माह का गर्भपात किया है रात को।” टीना बोली
 श्यामली की आंखें फटी की फटी रह गई
 “क्या कह रही है तू ?”
“कितनी छोटी बच्ची है।”
  “यह हुआ कैसे ?”
” तुमने आवाज भी नहीं उठाई”
“न ही पुलिसमे शिकायत दर्ज कराई”
 टीना बोली “शांत हो जा” महिला चिकित्सक होने के नाते हमारा रोज का ही काम है “
” इस तरह के पीड़ितों के लिए शोर नहीं मचाया जा सकता।”टीना बोली
 “क्यों आखिर ऐसा क्या हुआ था?”
“उस बच्ची को न्याय मिलना चाहिए”
“जिसने उसके साथ कुकर्म किया उस वहशी दरिंदे को तो सजा मिलनी ही चाहिए।”
“तुम लोगों को भी मनचाहे पैसे मिलते हैं ।इस तरह के केसो में।”
श्यामली बस कहे जा रही थी….. और टीना सुन रही थी।
 “कह लिया सबकुछ अब मेरी सुन”-टीना बोली
“वह जो दीन हीन सी महिला बैठी है,  घरों में काम काज कर पेट पालती है।”
 इसे लेकर मेरे पास आई थी मेरे पैर पकड़ कर बोली “मेडम जी इलाज कर दो नही तो मैं अपने चारों बच्चों के साथ   कुछ खा कर मर जाऊँगी।”
” मुझे भी  तेरी तरह  गुस्सा आया था”
“मैंने भी उन्हें बहुत खरी खोटी सुनाई थी”
उसने बताया जब घरों में काम करने  जाती है तब उसके पिता ने बच्ची को धमकाया , कि वह हम दोनों को खत्म कर देगा, डर के मारे बेटी ने कुछ बताया नही।
“अब बढ़ा हुआ पेट लेकर कहाँ जाऊं।मैडमजी”
“और बच्चा हो भी गया तो क्या करूँगी?”
“रही बात मेरे मरद की तो उसे सजा दिलवा कर मैं कहाँ जाऊँगी “
” मोहल्ले के दरिंदे घर मे घुसेंगे मैडम जी और बदनामी होगी वह अलग।”
“अब तू ही बता मैं क्या करती।”टीना बोली
 समाजसेवी श्यामली निरुत्तर थी- – – –
         #कीर्ति प्रदीप वर्मा
परिचय
 नाम-  कीर्ति प्रदीप वर्मा
 जन्मस्थान-झीलों की नगरी ,भोपाल
 विधा- छंद ,छंदमुक्त, गीत ,लघु कथा ,लेख, व्यंग इत्यादि
 पता-बाबईजिला होशंगाबाद(मध्यप्रदेश)
शिक्षा-बी ए
 कार्यक्षेत्र -समाजसेवा,पर्यावरणसुरक्षा, वृक्षारोपण साहित्यसेवा में सक्रिय योगदान
 जिला मंत्री भा ज पा महिला मोर्चा जिला होशंगाबाद
 संपादकीय सलाहकार “अंतरा बेव पत्रिका”
 राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य
“हिन्दी ग्राम समूह”
 संरक्षक माखन नगर युवा मोर्चा
 पूर्व तहसील संयोजक -रा.क.संगम 
 अखिल भारतीय साहित्य परिषद अध्य्क्ष (महिला प्रकोष्ठ) होशंगबाद
 प्रभात साहित्य परिषद
 शिवसंकल्प साहित्य परिषद
 ब्रांड एम्बेसेडर “स्वच्छता अभियान” बाबई
 अध्यक्ष- ताम्रकार समाज महिला मंडल
 पूर्व अध्यक्ष-आकांक्षा सामाजिक संस्था
 उपलब्धि-जिला स्तरीय निबंध प्रतियोगिता मे भोपाल जिले का प्रथम पुरस्कार 
हिन्दी दिवस निबंध प्रतियोगिता बी एच ई एल द्वारा निरंतर तीन वर्ष —
तक प्रथम पुरस्कार महिला एवम बाल विकास की 
एकल कला प्रदर्शनी का पुरुस्कार 
 दूर दर्शन एवं आकाशवाणी से वाचनप्रकाशन
 लघुकथा संग्रह महकते पन्ने युवराज प्रकाशन अंबाला द्वारा
सृजन शब्द से शक्ति सूत्र प्रकाशन बालाघाट द्वारा
 मध्यप्रदेश की हिंदी कवयित्रियां 
 भारत के श्रेष्ठ युवा कवि एवं कवयित्रियां
 नारी काव्य सागर
 हिंदी सागर त्रैमासिक पत्रिका 
 अंतरा बेव पत्रिका में प्रकाशन
 “अनुबंध” साझा काव्य संग्रह
 विचार मंथन “साझा संग्रह
 गीत-नवगीत” संकलन साझा संग्रह
 पुस्तक-“सृजन समीक्षा”
 अंतरा शब्द शक्ति प्रकाशन
 पुस्तक-“लौट आओ गौरैया”
पहले पहल प्रकाशन
 साहित्य पीडिया बेव पत्रिका मे प्रकाशन
 विभिन्न पत्र पत्रिकाओं मे कविता कहानी,लेख ,व्यंग आदि का निरंतर प्रकाशन 
 विभिन्न अखिलभारतीय मंचों से काव्य पाठ
 *सम्मान*-
प्रतिमा रक्षा समिति करनाल द्वारा *वुमंस एम्पावर्ड अवार्ड* 2017( जो देश की 50 सशक्त महिलाओं को दिया जाता है।)
 कलमकार परिषद होशंगाबाद द्वारा (निबंध प्रतियोगिता)सम्मान2014
 शिव संकल्प साहित्य परिषद होशंगाबाद द्वारा-
“काव्य कोकिला” सम्मान
 मनु तुलसी स्मॄति होशंगाबाद द्वारा “साहित्य सम्मान” 
 विश्व हिंदी रचनाकार मंच द्वारा
“हिंदी सागर” सम्मान201
“श्रेष्ठ कवियत्री” सम्मान2017
 विश्वनाथ राय बहुउद्देशीय संस्था नागपुर द्वारा
“शब्द सुगंध” सम्मान2017
 श्री बजरंग व्यायामशाला इटारसी द्वारा
“साहित्य साधना” सम्मान2017
 कोरोमंडल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप प्रोग्राम द्वारा विशिष्ट योगदान के लिए सम्मान
 2017 लायनेस क्लब बाबई द्वारा साहित्य” सेवा “सम्मान2015
 “काव्य श्री सम्मान”
विश्व हिंदी रचनाकार मंच2017
 “अंतरा शब्द शक्ति” सम्मान2018
 “भाषा सारथी सम्मान”2018 हिन्दी भाषाउन्नयन संस्थान
 “सृजनशील सम्मान”2018
विश्वकर्मा समाज बैतूल 
 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2018  नर्मदा आवाहन सेवा समिति होशंगाबाद द्वारा सम्मान
 ‘श्रेष्ठ शब्द शिल्पी” सम्मान2018
“नारी सागर’ सम्मान
विश्व हिन्दी रचनाकार मंच2018
 विभिन्न संस्थाओं द्वारा अनेकों सम्मान
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।