Archives for व्यंग्य

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 ‘यशधारा ‘

शब्दों से श्रृंगारित भावों की धारा "यशधारा 'का व्यंग्य विशेषांक के संपादक डॉ. दीपेंद्र शर्मा ने अंक अप्रैल -जून 2018 ने व्यंग्य विधा के दो स्तंम्भ श्री शरदजी जोशी और श्री…
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अनुशासन के लिए तानाशाही ही सही…

उन्होंने कहा है तो सच ही होगा।यदि अनुशासन में किसी को लायेंगे तो तानाशाह तो कहलायेंगे ही।घर हो,परिवार हो,दफ्तर हो,सदन हो,समाज हो या देश हो सब अपने अनुरूप हो,सभी अपने…
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ब से बकरी या बालिका

बकरी का सबसे बड़ा योगदान बकरे पैदा करना। बकरी की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। अब किसकी सुरक्षा ज्‍यादा जरूरी है बकरी या बालिका की। बालिका गृह में…
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दूसरों की कमाई , हमें क्यों बताते हो भाई ….!!

tarkesh ojha उस विवादास्पद अभिनेता पर बनी फिल्म की चर्चा चैनलों पर शुरू होते ही मुझे अंदाजा हो गया कि अगले दो एक - महीने हमें किसी न किसी बहाने…
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