Archives for मातृभाषा

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गरीब खुश हुआ ,शाबासी देगा

    गरीब तब भी खुश था जब कहा गया था कि दिल्ली से एक रूपया चलता है और गरीब तक पन्द्रह पैसे ही पहुँचते हैं।गरीब तब भी खुश हुआ…
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विदेशों में अंग्रेज़ी

— डॉ. वेदप्रताप वैदिक मेरे पासपोर्ट पर भारत एक मात्र ऐसा देश है, जिसका छापा उसकी अपनी ज़बान में नहीं है। मैंने क़रीब आधा दर्जन हवाई कंपनियों से विभिन्न देशों…
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मॉरीशस में हिंदी

मॉरीशस में हिंदी भाषा का इतिहास लगभग डेढ़ सौ वर्षों का है। स्वतंत्रतापूर्व काल में यह भाषा बीज रूप में थी। भोजपुरी बोली के माध्यम से हिंदी विकसित भाषा को…
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यूँ ही नहीं बन जाता कोई उपन्यास सम्राट !

(व्यक्तित्व/मुंशी प्रेमचंद ) साहित्य की सघन वादियों में कदमों के निशान ऐसे ही नहीं छूटते , बहुत श्रम करना पड़ता है । कालजयी साहित्यकार वही होता है, जिसके कदमों के…
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सीखता तो मैं आज भी हूँ ….आप से…

सीखने की प्रक्रिया यूँ तो मस्तिष्क की होती है लेकिन जुड़ी हुई मन से है। हम कोई दृश्य को कैसे देखते है ये हमारी मनःस्थिति पर निर्भर है। मन उस…
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गुरु कौन ?

यह सच है कि गुरु कोई व्यक्ति नहीं पद है । गुरु वह है जिसके पीछे अगर ‘अ’( शून्य, रिक्त, अभाव, नहीं,आदि)  भी लग जाए तो गौरव हो जाता है…
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