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माँ असीमित है, माँ अविरल है, माँ अद्वितीय है, माँ निश्छल है, माँ खुदा है,माँ ईश्वर है, माँ दुआ है ,माँ परमेश्वर है। माँ धरा है,माँ आसमान हैं, माँ जहान है,माँ महान है माँ मन्नत है!माँ जन्नत है, माँ सुकून है, माँ शांति है, माँ शीतल है, माँ धैेर्य है, […]

इसे जनसाधारण की बदनसीबी कहें या निराशावाद कि,खबरों की आंधी में उड़ने वाले सूचनाओं के जो तिनके दूर से उन्हें रसगुल्ले जैसे प्रतीत होते हैं,वही नजदीक आने पर गुलगुले-से बेस्वाद हो जाते हैं। `मैंगो मैन` के पास खुश होने के हजार बहाने हो सकते हैं,लेकिन मुश्किल यह है कि,कुछ देर […]

अब बदल भी लोगे निगाहें कोई हैरत नहीं। प्यार की लाज क्या रखें जिन्हें गैरत नहीं।   कुछ रिश्ते संभालकर रखें वक्त बेवक्त को। काम अपने ही आते हैं कोई दौलत नहीं।   प्यास चीखती रही एक बूँद न मिली। अब सागर भी लाओगे तो जरूरत नहीं। लड़ता था आम […]

ज़िंदगी की राहों में, अवरोधक व्यवधान बहुत हैं.. हैं मुश्किलें-परेशानियां, मगर समाधान बहुत हैं …।   हम बे-खौफ चलते जाएँ,राहे मंज़िल की तरफ सपने संजोए हैं अनेक, दिल में अरमान बहुत हैं…!   वक्त ही सिखाता है, ज़िंदगी का सबक हमें .. गैर तो गैर हैं अपने भी,अपनों से अंजान […]

सूरज आग उगलता जाए, आग की आंधी चलती है। धू-धू करके दिन जलता है, ‘निर्झर’ रात सुलगती है ।। जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, बढ़ती जाती  है गर्मी। तन पर कपड़े सहे न जाएं,न पहने तो बेशर्मी ।। धूप दुपहरी का क्या कहना,छाया में भी चैन नहीं। जो तन-मन को शीतल […]

समुद्र के किनारे रेत पर, टहलते……….टहलते…… गुनगुनाए जा सकते हैं गीत उकेरे जा सकते हैं प्रेम संदेश, या प्रिय का नाम.. पर कौन ले पाता है थाह समुद्र की गहराई कीl लहरें  केवल सतह ही नहीं होती, वे मथती रहती हैं.. खुद समुद्र को भी, गहराई तक दिन और रात.. […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।