है नापाक  इरादे  तेरे,                     यह करतूत तुम्हारी काली है, हो नाजायज औलाद बगल की,                         हरकत नामर्दों वाली है। हिम्मत न थी लड़ पाने की,         […]

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वो भी क्या समय था,जब सारा दिन हम तेरी यादो में खोया करते थे। वो भी क्या रातें थी,जब हम तेरी यादों के बिछौने पर सोया करते थे।। जब हम मिले थे,आसमां ने भी खुशियों के मोती हम पर बरसाए थे। एक-दूसरे की बाँहों में हम,जीवन बिताने के सपने संजोया […]

इंसान भी वही है, भगवान वही है, हरहाल में हम सबका कदरदान वही है। जो छांव तले अपने, गरीबों को शरण दे.. सच मानिए तो गांव का, प्रधान वही है।                                         […]

सच की हिम्मत पा के लिख, अपनी जिद में जा के लिख। रक्त सभी का जाम हुआ, अब तो आग लगा के लिख। राणा-सा है बल तुझमें, घास-रोटियाँ खा के लिख। बहुत फूल बरसाए हैं, अब तलवार उठा के लिख। स्याही कम पड़ जाए तो, अपना खून बहा के लिख। […]

हक़ आम आदमी का जब भी मारा जाएगा। तख़्त से फिर तो आपको भी उतारा जाएगा। लूट लोगे आप अगर राहों में रोशनी हमारी, काफ़िला मशालें जलाकर गुज़ारा जाएगा। सोच लें एक बार फिर से हमसे लड़ने वाले, हम तो हैं ख़ाली हाथ,क्या हमारा जाएगा। लगेंगी बंदिशें जब-जब हमारी ज़बानों […]

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जिंदगी है ये तो टेढ़े-मेढ़े रास्तों से होकर गुजरेगी, सुख और दुख क्या,यह तो सबमें होकर गुजरेगी। चलना भी आखिर कहाँ तक लिखा इस सफर में, जहाँ रुके कदम,वहीं नए रास्तों से होकर गुजरेगी। निराशा में ही आशा की लौ जलती है महसूस करो, है कुछ अगर उम्मीद,तो पर्वतों से […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।