55 महिलाएं होगी *वुमन आवाज़ अवार्ड-2018* से सम्मानित।

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#3 को मिलेगा अन्तरा शब्दशक्ति विशेष सम्मान।
#65 से अधिक किताबों का भी होगा विमोचन।
भोपाल।
महिला सशक्तिकरण और सक्षमीकरण के लिए कार्यरत संस्थान वुमन आवाज द्वारा पुस्तक लेखन हेतु राष्ट्रभर की लगभग 55 महिलाओं को 4 अगस्त 2018 को शहर के हिन्दी भवन स्थित महादेवी वर्मा कक्ष में “वुमन आवाज़ अवार्ड-2018” दिया जाएगा।
       वुमन आवाज़ की संस्थापिका शिखा जैन व अन्तराशब्दशक्ति की संस्थापिका डॉ.प्रीति सुराना (सह संस्थापिका वुमन आवाज़) के साझा प्रयासों से हिन्दी पुस्तक लेखन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह प्रकल्प और सम्मान देना प्रारंभ किया है। जिसमें 55 महिलाओं के सम्मान के साथ 66 निजी पुस्तकों का विमोचन होना है ।
उन्हीं पुस्तकों के लेखन हेतु ही 55 वुमन अावाज अवार्ड दिया जाना है | अवार्ड मिलने वालों में-
1. डॉ भारती वर्मा बौड़ाई-अनुभूतियों के दंश, 2. नीरजा मेहता-खनक चूड़ियों की, 3. मीनाक्षी सुकुमारन-बोलते एहसास, 4. ऋतु थपलियाल-मुक्त परिंदे, 5. डॉ.मीनू पांडेय-हलचल, 6. अंजलि पंडया-ख्वाहिशें, 7. रागिनी शर्मा-बेटियाँ, 8.पूनम कतरियार-आगाह,9. सीमा असीम-अभी हारी नहीं हूं मैं,10. रमा तेकाम-एहसास ए जिंदगी,11. मीना जैन-अहसास,12. उर्मिला मेहता-ऐसे बनाई मैंने अपनी पहचान,13. किरण मिश्रा-सुगंधा, 14. डॉ.लेखा रमेश-अनकहे शब्द, 15. अलका रागिनी-जियें तो जियें कैसे,16. काजल भालोटिया-मनकही,17. सीता गुप्ता-ओस की बूंदे,18. जयति जैन नूतन-वक़्त वक़्त की बात,19. कुसुम सिंह ‘अविचल’-हिमनद, 20. राजलक्ष्मी शिवहरे-वो खूबसूरत है, 21. डॉ. ओरीना अदा-मां मेरी जन्नत, 22. शुभ्रा झा-सुनहरे फूल शब्दो के, 23. माधुरी मिश्रा-कुछ सूखे कुछ हरे पात, 24. सुमन चौधरी-टैरस पर टंगी जिंदगानी,
25. डॉ मौसमी परिहार-लफ्ज़ों में सिमटी,…यादें, 26. लक्ष्मी कुशवाहा-मैना की बैना, 27. सपना परिहार-मेरे मन की अभिव्यक्ति, 28. पिंकी परुथी-मैं आल्हादिनी,.., 29. रचना सक्सेना-द्वंद, 30.आयुषी भाटोद्रा- भावसुधा,31. कीर्ति वर्मा-अपने सपने, 32. राजकुमारी चौकसे-आनंद की सरिता, 33.डेज़ी जुनेजा-एक मुलाकात, 34. अदिति रूसिया-पीर धरा की, 35. शिखा श्रीवास्तव-एहसास मेरे मन के, 36. पूनम झा-चौंक क्यों गए, 37. अनिता मंदिलवार-जीवन के रंग-दोहों के संग, 38. अलका चौधरी-मेरे आलेख, 39.गायत्री सोनी-कसक, 40. किरण मोर-सपनों का भंवर, 41. सुधा शर्मा-अनंत पथ पर महानदी, 42. सपना ताम्रकार-एक कोना दिल का,43. मधु तिवारी-कोशिश, 44. वंदना दुबे-सोच के सेतु, 45. आरती तिवारी-लौट जा मन गाँव की ओर, 46. चेतना उपाध्याय-सूक्ष्म गहनानुभूति, 47. विनीता पैगवार-सुख सागर, 48. विमला महरिया ‘मौज’-भोले मन की बात, 49. चारु शिखा-रिश्ते और एहसास, 50.केवरा यदु-आपकी ही परछाई, 51. डॉ. प्रतिभा राठौर-औरत,52. सुनीता श्रीवास्तव-आर्यन, 53. अपर्णा संत सिंह- अर्पित तुम्हे, 54. नेहा चाचरा बहल-कुछ दिल से,.. 55. कविता अग्रवाल – मुस्कुराते रहो,.. ।
       इसके साथ-साथ अन्तरा शब्दशक्ति से 3 विशेष सम्मान प्राप्त करने वालों में-
 ‘अन्तरा शब्दशक्ति रत्न सम्मान’ डॉ.भारती वर्मा बौड़ाई की की पुस्तकें 1.उपहार , 2. रंगो के साथ , 3. अंतर्मन की यात्राएँ, 4. आखर मीत
। ‘अन्तरा शब्दशक्ति रत्न सम्मान’ नीरजा मेहता ‘कमलिनी’ की पुस्तकें 1. हाँ, मैं ऐसी ही हूँ  2. काश तुम समझ पाते 3. ओस सी ज़िन्दगी 4. एक टुकड़ा धूप
। ‘अन्तरा शब्दशक्ति गौरव सम्मान’ मीनाक्षी सुकुमारन  की पुस्तकें 1. खामोशियाँ 2. तड़प 3. खामोश एहसास,… भी शामिल हैं।
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One thought on “55 महिलाएं होगी *वुमन आवाज़ अवार्ड-2018* से सम्मानित।

  1. कोटिन: शुभकामनाएं एवं बधाई।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।