हिन्दी में सर्वाधिक अंक के लिए छात्र-छात्राओं का सम्मान

Read Time0Seconds

Untitled

शाहजहांपुर |

गत 15 जुलाई 2019 को देश में शहीदों की नगरी के नाम से विख्यात  उ0प्र0 शाहजहांपुर पुवायां के प्रेमचन्द्र स्मारक इण्टर कालेज में एक कार्यक्रम का आयोजन कर क्षेत्र के पुवायां इण्टर कालेज पुवायां, राजकीय बालिका इण्टर कालेज पुवायां सरस्वती विद्यामन्दिर इण्टर कालेज पुवायां प्रेमचन्द्र स्मारक इण्टर कालेज पुवायां वृन्दावन पब्लिक कालेज पुवायां पंचायत राज इण्टर कालेज बड़ागांव नेहरू इण्टर कालेज कोरोकुइंया व महारानी लक्ष्मीबाई इण्टर कालेज के  हाईस्कूल से हर्षित मिश्र कृतिक कुमार आशीष कुमार सुमन लता रक्सन्दा सौम्या सिंह अरुण कुमार विशाल कश्यप व इण्टर से शिवानी राठौर हैदर अली डिम्पल गुप्ता आकांक्षा शर्मा रिंकी देवी विजय कुमार यादव प्रीति देवी रंजीत कुमार छाया सक्सेना तालिब अली अशोक कुमार अमित कुमार लालू पांडे विपिन कुमार  22 बच्चों को अपने विद्यालय में हाईस्कूल व इण्टर स्तर पर हिन्दी विषय में सर्वाधिक अंक लाने के लिए हिन्दी गौरव और हिन्दी प्रतिष्ठा सम्मान से सम्मानित किया गया गया।कार्यक्रम के मुख्यअतिथि डा0 सुधीर गुप्ता पुर्व नगराध्यक्ष, विशिष्टअतिथि अरूणकुमार सक्सेना, कृष्णकुमार लील व अध्यक्षता करते हुए नगर में अनेक शिक्षण संस्थाओं के संस्थापक व समाजसेवी रामनारायण मेहरोत्रा ने छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र मेडल रोचक साहित्य डिक्शनरी व नकदराशि देकर गौरवाविन्त किया।

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

प्रेम 

Fri Jul 19 , 2019
प्रेम एक आवेदन नहीं न ही कोई अनुरोध है वो मार्ग क्या जिसमें कठिनता न ही अवरोध है ईर्ष्या मिथ्या द्वेष जिसमें हो प्रेम नहीं  वो प्रतिशोध है प्रेम जीवन की सत्यता प्रदर्शित करता है प्रेम सैद्धांतिक है न कोई प्रयोग है पवित्रता निर्धारित करे जो भाग्य वो प्रेम है […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।