हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए सांसद ने किया समर्थन

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धामनोद |
हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा चलाए जा रहे जनसमर्थन अभियान में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.अर्पण जैन अविचल ने धार सांसद सावित्री ठाकुर से भेंट की और समर्थन प्राप्त किया| धामनोद स्थित सांसद सावित्री ठाकुर के निज निवास पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल’, राष्ट्रीय सचिव कैलाश बिहारी सिंघल, अपराधों की दुनिया के संपादक जितेन्द्र वामने, धामनोद नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष रामलाल यादव, सहायक संपादक विक्की शर्मा ने भेंट की|
सांसद श्रीमति ठाकुर ने हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए पूर्ण समर्थन देते हुए संसद में प्रश्न उठाने की बात कही|
उन्होंने ‘हिन्दी के सम्मान में हर भारतीय मैदान में’ का समर्थन किया| साथ ही सांसद ठाकुर को डॉ. जैन का काव्यसंग्रह काव्यपथ भेंट की

 

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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।