हम मजदूर अच्छे

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meena kumari solanki
              मैंने हल्की नाराजगी में उससे कहा -“तुम खुद तो इस दयनीय दशा में मजदूरी करती ही हो अब अपनी 10 साल की बेटी पर भी इतने भारी तसले रखना शुरू कर दिया ! कितना समझाया था तुम्हें इसे स्कूल भेजने के लिए ! फ्री में सिलाई सीखने को मिल रही थी मशीन भी मिलती!   ना ही तुमने इसे वहां भेजा और ना ही स्कूल। ले आई यहां मजदूरी करने।  सारी उम्र इससे यही करवाना है क्या ?   उसने नम्रता से उत्तर देते हुए कहा – “मैडम जी हमारा यही काम है ।ये  नहीं करेगी तो क्या करेगी? और फिर आप अपने स्कूल में बिना आधार थोड़ा बहुत पढ़ा भी  देती तो उससे क्या होता। करनी तो फिर भी मजदूरी ही है । इतना इतना पैसा लगा ,दिमाग लगा ,अच्छे अच्छे ,पढ़े-लिखे तो चौकीदारा की नौकरी पा रहे हैं ।  हम थोड़ा पढ़ कर क्या पा लेंगे । “
               मैं उसे यह भी ना कह सकी कि मान सम्मान और थोड़ा ज्ञान जीवन की राह सरल कर देता है ।
परिचय-
नाम ___डॉ मीना कुमारी सोलंकी
जन्म स्थान ___नीमली ,चरखी दादरी, हरियाणा 
पिता ___सूबेदार शीशराम 
माता ___श्रीमती फूलवती टेलरणी
 योग्यता ___एम ए ,एमफिल ,पीएचडी हिंदी ,एम ए एजुकेशन ,जेबीटी ,बीएड , टैट ,स्क्रीनिगं आदि
व्यवसाय ___अध्ययन, अध्यापन 
रुचि ____नृत्य ,गायन, अभिनय, वादन ,डीबेट करना आदि
 विशेष __स्थानीय, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक पत्र पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन तथा कवि सम्मेलन एवं सेमिनारों में सहभागिता।
पत्राचार__  डॉ मीना कुमारी  c/o देईचंद सांगी
 गांव व डाकखाना –सांखोल 
तहसील -बहादुरगढ़ 
जिला -झज्जर (हरियाणा )
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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।