स्वागत नूतन वर्ष

Read Time3Seconds
 bhuvan
स्वागत नूतन वर्ष का,
              आओ मिलकर मनायेंगें।
खुशियाँ चहुँ दिशा में,
                  सभी हम फैलायेंगे।।
मानवता का दीप जले,
                  मिटे राग द्वेष सब।
साकार यह होवे तभी,
                मन में प्रेम भाव जब।।
खुशियाँ हर आँगन हो,
                 ऐसी कामना करें।
साहस मिले सदा ही,
                 हर डग सामना करें।।
आशाओं की किरणें नव,
                  धरा में फैलायेंगें।।
स्वागत नूतन वर्ष का,
                 आओ मिलकर मनायेंगें। ….
बिते युग दशान्तर,
                  मिटा न पाया कालान्तर।
व्याप्त जग में आज भी,
                   राजा रंक का अंतर।।
नई सोच मन में,
                  नई अब उमंग हो।
भेदभाव मिटे जग से,
                  हर मन से यह भंग हो।।
बने भारत भू महान,
                  सब जग धन्य धान।
हम नव वर्ष में कामना,
                    करते मिले वरदान।।
अभिनंदन में अब,
                    राह हम सजायेंगें।
खुशियाँ चहुँ दिशा में,
                   सभी हम फैलायेंगे।। ….

#भुवन बिष्ट

परिचय: भुवन बिष्ट  का जन्म स्थान-रानीखेत और जन्म १ जुलाई १९८० को हुआ हैl आपका निवास मौना (रानीखेत) जिला-अल्मोड़ा (उत्तराखंड) में हैl आपने  परास्नातक के साथ ही बी.एड.भी किया हैl साथ ही मास्टर इन कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर टेक्नोलाजी,डिप्लोमा इन हार्डवेयर टेक्नोलाजी एन्ड नेटवर्किंग भी किया हुआ हैl निरंतर प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में कविता,लेख तथा कहानी लेखन आदि प्रकाशित होते हैंl आपको काव्य भूषण सम्मान,बाल कविता लेखन में पुरस्कृत,भारत विकास परिषद द्वारा सम्मान मिला हैl आकाशवाणी अल्मोड़ा से रचनाओं का प्रसारण,रेडियो स्टेशन कुमांऊ से भी रचनाओं का प्रसारण हुआ हैl प्रकाशित पुस्तकोण में `जीवन एक संघर्ष`(काव्य संग्रह)हैl  कुछ प्रकाशन प्रक्रिया में हैंl 

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

शिव की सेना

Sat Dec 29 , 2018
जाग उठी फिर शिव की सेना, अब ताण्डव दिखलाएगी ज्वाल बनी अब ये चिंगारी, दुश्मन को राख बनाएगी रक्त सुशोभित हो उठेगा, काश्मीर की घाटी में नरमुंडों की होगी माला, हर फौजी के हाथों में पत्थर से जो सर फोड़े थे, बाजू आज उखाड़ेंगे चुन चुन कर ऐसे चेहरों की, […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।