सिंघल को मिला ‘राष्ट्र गौरव अवार्ड’

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सिंघल को मिला ‘राष्ट्र गौरव अवार्ड’

kailash singhal

धामनोद | एंटी करप्शन फाउंडेशन द्वारा पोलिस के अमर शहीदों को समर्पित “राष्ट्र गौरव अवार्ड” आज करनाल (हरियाणा) में धामनोद निवासी साहित्यकार कैलाश बिहारी सिंघल को मिला|

उक्त सम्मान हरियाणा पुलिस की पूर्व आय. जी. श्रीमती सुमन मंज़री, महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरा नंद व नरेंद्र अरोड़ा जी के कर कमलों से दिया गया | कैलाश सिंघल मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय सचिव है | उनको अवार्ड मिलने के अवसर पर संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’, संस्थान के महासचिव डॉ. प्रीति सुराना, सहित उपाध्यक्ष संजय जैन (कोचर), कोषाध्यक्ष समकित सुराना, कार्यकारिणी सदस्य बृजेश शर्मा विफल, पिंकी परुथी, कीर्ति वर्मा, अदिती रुसिया, शिखा जैन, मृदुल जोशी, सहित अन्तरा-शब्दशक्ति परिवार द्वारा बधाईयाँ प्रेषित की गई| उक्त जानकारी मातृभाषा उन्नयन संस्थान के संवाद सेतु रोहित त्रिवेदी ने दी |

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।