साहित्यकार साहित्य संगम संस्थान द्वारा *क्षेत्रीय रत्न सम्मान*  से नवाजे गये साहित्यकार

Read Time0Seconds

FB_IMG_15549200278201329

साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा मासिक ऑनलाइन कवि सम्मेलन माह के प्रथम रविवार को मनाया जाता है जिसमें क्षेत्रीय बोली में कवियों की प्रस्तुति होती है,साहित्य का यह कार्य अद्वितीय व सराहनीय है।देश के कोने कोनें से कवि मनीषियों ने कार्यक्रम को सफल बनाये जिन्हें साहित्य संग संस्थान द्वारा क्षेत्रीय रत्न से नवाजा गया प्रतिभागी साहित्यकार राजवीर मंत्र ,राजेश शर्मा पुरोहित,लता खरे छगन लाल गर्ग विज्ञ,मनोज सामरिया मनु,राजेश कुमार
तिवारी रामू,रिखब चन्द राँका ‘कल्पेश’,
नीलिमा तिग्गा निलांबरी,नवल किशोर सिंह,
कैलाश मंडलोई ,पुरुषोत्तम प्रजापति,रवि
रश्मि अनुभूति जी,अनीता मंदिलवार,सरिता श्रीवास्तव,कुमुद श्रीवास्तव,प्रणाली कदम,टी आर चौहान,किशन लाल अग्रवाल,मीना भट्ट, सरोज सिंह ठाकुर, सांवर रासी वासिया,
राजीव डोगरा,आदेश पंकज,प्रकाश चंद्र जागीड़ पिड़वा, नवीन कुमार भट्ट नीर,
इंदू शर्मा जी,कल्पना खूबसूरत ख्याल,प्रेम लता मिश्रा आगरा,महिमा दुबे जी,सुनील कुमार अवधिया मुक्तानिल,भावना शिवहरे,
आशीष पाण्डेय जिद्दी ,महालक्ष्मी सक्सेना मेधा मैनपुरी,हरीश विष्ट,कुमाउनी,रामजस
त्रिपाठी नारायण ,भगवान पाटीदार जी,रजनी गुप्ता ,शिवशंकर बोहरा,तामेश्वर जी,भावना शिवहरे,गीता गुप्ता मन सम्मान समारोह में उपस्थिति होकर सम्मान स्वीकार किये।यह सम्मान प्रदाता आद सांवरमल रासीवासिया द्वारा प्रदान किये गये,कार्यक्रम केपदाधिकारी
एवं प्रतिभागी साहित्यकार मंच की शोभा बढाई आद रासीवासिया जी इस भव्यसम्मान
कार्यक्रम को आभार वंदन करते हुयेउज्जवल
भविष्य की कामना की।

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

आओ करे मतदान

Thu Apr 11 , 2019
अपना वोट जरूर करे चाहे साधु हो या सन्त लोकतंत्र के इस यज्ञ में आहुति डालिए अनन्त अच्छे लोग चुनने का एक मात्र यही अवसर कोई भी वोट छूटने न पाये चाहे कर्मचारी या अफसर रूहानियत में जो रह रहे वे भी जरूर करे मतदान देश के हालात सुधरेंगे तो […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।