सागर

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suman trivedi
धीर गंभीर,तुम मर्यादित सागर
हमेशा तुम मर्यादित रहते,
नीले आसमान-सा तेरा अम्बर
मन हर्षित कर जाता है,
उर में रत्नों का संसार समेटे
तनिक घमंड न तुमको आता,
उछलती-कूदती और लहराती लहरें
धरती का आलिंगन करने,
किनारे तक आतीं
नृत्य करतीं और लहराती,
हर-हर कर शब्द निरंतर
मन पुलकित कर जाती,
शाम ढले रक्तरंजित हो सागर
भक्षण मानो सूरज का कर लेता।

#सुमन त्रिवेदी

परिचय:सुमन त्रिवेदी की जन्मतिथि- मार्च १९५० और जन्म स्थान-जबलपुर (मध्यप्रदेश) है। वर्तमान में भी श्रीमती त्रिवेदी जबलपुर में एम.आर.-४ सड़क स्थित कालोनी में निवासरत हैं। स्नातकोत्तर तक आप शिक्षित होकर स्वतंत्र काव्य एवं लघुकथा लेखन में सक्रिय हैं। प्रकाशन में साझा संग्रह में मृगनयना,सफ़रनामा आदि आपके नाम हैं। सम्मान के रुप में आपको युग सुरभि, साहित्य सागर,हिंदी सेवी रचनाकार तथा श्रेष्ठ कवियित्री उपाधि से अभिनन्दित किया गया है। आपके मुताबिक लेखन का उद्देश्य-आत्मसंतुष्टि एवं हिन्दी को शीर्ष स्थान दिलाना है। 

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matruadmin

One thought on “सागर

  1. बहुत सुंदर हहर हहर शब्द को पढ़कर ही सागर के निकट होने की अनुभूति होती है

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।