श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की समस्त बाधाएं शीघ्र दूर होंगीं : अलोक कुमार

Read Time2Seconds

13_11_2018-ram-mandir_18632146

देश भर में हुए करोड़ों विजय महा-मन्त्रों के जाप

नई दिल्ली।

श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करने हेतु विश्व हिन्दू परिषद् (विहिप) द्वारा आज देश भर में “श्रीराम जय राम जय जय राम” नामक विजय महा-मंत्र का करोड़ों वार जाप किया गया. दक्षिणी दिल्ली के राम कृष्ण पुरम स्थित विहिप मुख्यालय में इस अवसर पर मंत्र जाप में भाग लेते हुए विहिप कार्याध्यक्ष एडवोकेट श्री आलोक कुमार ने कहा कि पूज्य संतों के आदेशानुसार आयोजित इस देश व्यापी जन-जागरण कार्यक्रम से जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण में आने वाली सभी विघ्न बाधाएं अवश्य दूर होंगीं. निर्माण का रास्ता कोर्ट से निकले या सरकार या संसद से भगवान श्री राम के मंदिर की भव्यता के दर्शन हेतु सम्पूर्ण देश आतुर है. विक्रमी सम्वत् 2076 की बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर के संकल्प के साथ आनंद संवत्सर की सर्व सिद्धि योग की अमृत बेला में विजय महा-मन्त्र की तेरह मालाओं का यह जप अनुष्ठान सम्पूर्ण हिन्दू समाज के लिए अनुकूल परिणाम लाएगा.

आज विक्रमी सम्वत् 2076 के सूर्योदय की पहली किरण से ही देशभर में विजय महा-मन्त्रों का जाप प्रारम्भ हो गया. पूज्य संतों व ज्योतिषविदों के अनुसार इस आनंद सम्वत्सर के प्रथम दिन के सूर्योदय से ही पुष्प नक्षत्र प्रारम्भ हो जाएगा जो सर्व सिद्धि योग की अमृत बेला भी है। इस शुभ अवसर पर संकल्प के साथ की जाने वाली सभी सद्कामनाएं अवश्य पूरी होती हैं। इसी कारण प्रयाग में आयोजित कुम्भ की धर्म संसद में पूज्य संतों ने सभी रामभक्तों को “श्री राम जय राम जय जय राम’ नामक 13 अक्षरीय विजय मंत्र देकर कहा था कि इसका 13 करोड़ वार जाप भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर मन्दिर की भव्यता में आने वाली समस्त विघ्न-बाधाओं को दूर करेगा। 1 फरवरी 2019 को श्रीराम जन्मभूमि हेतु धर्म संसद में पारित एक प्रस्ताव में कहा गया था कि इस विजय महा-मंत्र का जाप प्रतिपदा यानि 6 अप्रेल के सूर्योदय से प्रारम्भ कर सभी राम भक्त 13-13 मालाओं का जाप अवश्य करें।

ये मंत्र जाप देशभर में अधिकांशतया मंदिरों में आयोजित किए गए किन्तु अनेक स्थानों पर घरों, पार्कों, व सामुदायिक स्थलों इत्यादि में भी संपन्न हुए।

भवदीय

विनोद बंसल

(राष्ट्रीय प्रवक्ता)

विश्व हिन्दू परिषद्

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

नदी 

Sat Apr 6 , 2019
कल-कल करती बहती नदी जंगल और पहाड़ों से निकलती नदी इठलाती, बलखाती नागिन रूप बनाती नित-नित सबकी प्यास बुझाती बरसातों में रूद्ररूप बनालेती तब बड़ी डरावनी हो जाती घर्र – घर्र करके सबकुछ बहा ले जाती और जन-धन की बड़ी हानि हो जाती गर्मी में मर जाती, मिट जाती बस! […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।