लघुकथा विधा में राममूरत ‘राही’ पुरस्कृत

Read Time0Seconds
IMG-20190422-WA0029
इंदौर ।
शहर के लेखक, लघुकथाकार एवं क्षितिज साहित्य संस्था से संबद्ध राममूरत राही को फरीदाबाद(हरियाणा) में लघुकथा विधा में पुरस्कृत किया गया। फरीदाबाद में अखिल भारतीय माँ शकुंतला कपूर स्मृति लघुकथा प्रतियोगिता में राममूरत राही को उनकी लघुकथा ‘लौटी मुस्कान’ को रविवार को एक कार्यक्रम में श्रेष्ठ लघुकथा का पुरस्कार वरिष्ठ साहित्यकार सुश्री चित्रा मुद्गल एवं वरिष्ठ लघुकथा-सुविज्ञ श्री सतीशराज पुष्करणा के हाथों प्रदान किया गया।इस प्रतियोगिता में देश भर के 193 लघुकथाकारों ने भाग लिया था।
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

घर आई लक्ष्मी

Mon Apr 22 , 2019
“बधाई हो माजी लड़की हुई है” दरवाजे के पास ही बैठी हुई शैला से नर्स आकर कहती है। “क्या फिर से लड़की है?”  यह कहते हुए शैला के लफ्ज उसके गले में ही अटक जाते हैं। वह रूआसी-सी होकर नर्स की तरफ देखती है। मुस्कुराती हुई नर्स का चेहरा शैला […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।