मिन्नत

Read Time1Second

pramod kumar

उलझी उलझी जुल्फों को यूँ सुलझाया ना करो,

पास बुलाकर तुम अपने हाय यूँ सताया ना करो l

उम्मीद जाग उठती हैं मिलन की तेरे दीदार से,

जगते सपनो को यूँ रोज तुम रुलाया ना करो l

हैं जन्नत मेरी तेरी नजरों के समंदर के पार,

मेरी कश्ती को लाकर किनारे डगमगाया ना करो l

दौलत इश्क़ की है अनमोल दिलों के बाजार में,

मोल भाव करके तुम इसे यूँ गंवाया ना करो l

तेरे साथ को तरसा हूँ मैं सच में तू समझ,

हाथ देकर फिर “हर्ष” को यूँ पराया ना करो l

#प्रमोद कुमार “हर्ष”

सरकाघाट मंडी हिमाचल

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

आवाज

Wed Jul 31 , 2019
हक के लिए आवाज उठाया तो सही, आवाज में हमारे वजनदारी चाहिए । देश हमारा प्यारा,श्रेष्ठ और सच्चा है, बस देशवाशियों में भी ईमानदारी चाहिए । भ्रष्टाचार अभी चरम सीमा पर है, बस हमें सच्चे अधिकारी चाहिए । आरोपियों को कड़ी-से-कड़ी सजा मिले, जल्द-से-जल्द हमारी माँग पूरी चाहिए । आरोपियों […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।