पृथ्वी दिवस विशेष ऑनलाइन वीडियो काव्य सम्मेलन

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दिल्ली |

साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा 22 अप्रैल 2019 दिन सोमवार को पृथ्वी दिवस विशेष ऑनलाइन वीडियो काव्य सम्मेलन रखा गया(दोहा मुक्तक) जिसमें छगनलाल गर्ग विज्ञ जी,शिवकुमार लिल्हारे अमन जी,अंजुमन मंसूरी आरजु जी,बाबा कल्पनेश जी,रवि रश्मि अनुभूति जी,राजेश कुमार तिवारी रामू जी,सरिता श्रीवास्तव जी,लता खरे जी,सरोज ठाकुर जी,अनिता मंदिलवार जी,सुमिता मूँधड़ा,रामजस त्रिपाठी,छाया सक्सेना,राजवीर मंत्र जी,आलोक शास्त्री जी,अलका जैन,सुनील अवधिया जी ने इस आयोजन मे सम्मिलित होकर चार चाँद लगाये,इस आयोजित काव्य सम्मेलन में सम्मिलित रचनाकारों की दोहा मुक्तक रचना को समीक्षक आद बिजेन्द्र सिंह जी द्वारा समीक्षा की जायेगी जिसमें से दोहा मुक्तक परक रचना चयन कर “दोहा मुक्तक विशेषांक” पर प्रकाशित की जायेगी यह आयोजन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बाबा कल्पनेश जी थे।इस विशेषांक के संरक्षक आद राजवीर मंत्र जी,संपादक नवीन कुमार भट्ट नीर इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक सम्पन्न होनें व उत्साह वर्धन के लिये आत्मिक रूप से समस्त प्रतिभागियों का आभार वंदन करते हुये।शुभकामनाएं दी।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।