पदमश्री नरसिंह देव जम्वाल, यशपाल निर्मल, केवल कुमार केवल और संजीव शर्मा सम्मानित।

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जम्मू  |
डोगरी भाशा अकैडमी, जम्मू और गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, ज्यौड़ियां के संयुक्त तत्वावदान में आयोजित सम्मान समारोह में डोगरी साहित्यकार पद्मश्री नरसिंह देव जम्वाल, यशपाल निर्मल और केवल कुमार केवल को डोगरी साहित्य में अभूतपूर्व योगदान के लिए और संजीव शर्मा को खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए एक  सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, ज्यौड़ियां में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के प्रधानाचार्य श्री एन पी सिंह ने की। मंच संचालन डोगरी भाशा अकैडमी के प्रधान श्री रोशन बराल रोशन ने किया। इस अवसर पर श्री अजय शर्मा ने श्री नरसिंह देव जम्वाल के जीवन और व्यक्तिव पर अपना पत्र प्रस्तुत किया। डा. कामिनी ने यशपाल निर्मल के जीवन और व्यक्तित्व पर अपना पत्र पढ़ा। श्री रोशन बराल रोशन ने श्री केवल कुमार केवल और श्री संजीव शर्मा के योगदान को उल्लेखित करते हुए अपने पत्र प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में सभी साहित्यकारों ने अपने विचार व्यक्त किए और विद्यार्थियें को अपनी कविताएं बी सुनाई। सभी विद्यार्थियें, अध्यापकों एवं अन्य स्टाफ ने बहुत सराहा। कार्यक्रम के अंत में डा. सुदर्शन खजूरिया ने सभी अतिथियों का विधिवत धन्यवाद किया।
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।