पथिक जिंदगी

Read Time0Seconds

prabhat dube
तू पथिक जिंदगी बढ़ते चल,
जब आए राह में कोई पत्थर तू घिस-घिसकर ले अपने अंदर,
तू पथिक जिंदगी,बढ़ते चल तू
,
बढ़ते चल तू,बढ़ते चल तू।

तू बना धार को ऐसी रे,
बने रहे निशान तेरे धरती पर
तू बढ़ते चल, तू बढ़ते चल,
तू पथिक जिंदगी बढ़ते चल।

कितनी गंदगी डाले कोई,
तू सहते चल अपने दम पर..
तू बढ़ते चल तू बढ़ते चल,
तू पथिक जिंदगी बढ़ते चल.. ।
तू बहती है एक नदी समान,
तू शीतल बन जल के जैसा..
कुछ कर ना चल ऐसा वैसा,
तू बढ़ते चल तू बढ़ते चल।
तू
कुछ गलत न इसके तर्क समझ,
जीवन है एक अनमोल रतन। ।
मिलती है ये तो बहुत जतन,
चल बना निशान नदी जैसा..
जो चलती है तेरे जैसा,
तू बढ़ते चल तू बढ़ते चल.
तू पथिक जिंदगी बढ़ते चल।।।,,,,,

                                                                      #प्रभात कुमार दुबे 

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

Order Your Essays Producing Task and acquire Everything from Us

Wed May 17 , 2017
Order Your Essays Producing Task and acquire Everything from Us If producing essay is just not a job which you get pleasure from, then its in no way possible so that you can publish excellent reports.

You May Like

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।