नारी…

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naveen jain

स्नेह की धारा है वह, है वात्सल्य की मूर्ति ,
वीरुध वही,वन वही, कालिका की वो पूर्ति |
राष्ट्र,समाज और परिवार को वो समर्पित,
स्व पर,हित को करती प्राण भी अर्पित |
वाणी वही,गिरिजा वही,है दामिनी भी वह,
कल्पना वो,प्रतिभा वही है,कामिनी भी वह|
किरण है वह,है सुभद्रा,है महादेवी भी वह,
सृजक है वो समाज की,समाजसेवी भी वह|
है मदर टेरेसा,ऐनी बेसेन्ट,यशोदा भी वह,
है अनैतिक समर में संघर्षरत,योद्धा भी वह|
बोझ नहीं है,अबला नहीं,न द्वितीय है वह,
वह धरा पर देवी रूप,नारी अद्वितीय वह|
जननी वही,गृहिणी वही,नंदिनी भी है वह,
भगिनी वही,सती वही,संगिनी भी है वह|
बरछी वही,कलम वही,तलवार भी है वह,
कंचन वही,चाँदी वही,अलंकार भी है वह|
शस्त्र भी वह,शास्त्र भी वह,शक्ति भी है वह,
अस्त्र है वह,आस्था भी वह,भक्ति भी है वह|

                                                             #नवीन कुमार जैन

 

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One thought on “नारी…

  1. शानदार।देखन में छोटो लगे घाव करे…

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।