नागदा के शिक्षक गोपाल कौशल की ” पालक के नाम शिक्षक की पाती ” को हरियाणा शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर मिला स्थान

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नागदा (धार ) |
सरकारी स्कूल चलें हम प्रवेश अभियान एवं नवोदय क्रांति के दाखिला अभियान अंतर्गत धार जिले के शासकीय नवीन प्राथमिक विद्यालय नयापुरा माकनी नागदा में पदस्थ सहायक अध्यापक नवोदय क्रांति के नेशनल मोटिवेटर गोपाल कौशल द्वारा सरकारी स्कूल में अपने बच्चों कों प्रवेश हेतु प्रेरित करने के लिए “पालक के नाम शिक्षक की पाती ” तैयार की है। इसकी सराहना जिले के अधिकारियों द्वारा की गई है । शिक्षक कौशल के इस नवाचारी प्रयास को हरियाणा शिक्षा विभाग ने अपनी वेबसाइट पर स्थान देकर अपने प्रचार-प्रसार में शामिल किया है । ज्ञातव्य है कि कौशल की इस नवाचारी पाती का विमोचन जिला शिक्षाधिकारी अनिल वर्मा,डाईट प्राचार्य जयंत जोशी ने विमोचन किया था । नवोदय क्रांति के संस्थापक संदीप ढिल्लों ने बताया कि शिक्षक कौशल  शिक्षा को आनंदमयी ,रोचक बनाने हेतु रोचक नवाचार,टीएलएम का निर्माण करते – रहते वही इनकी बाल कविताएं देश के प्रतिष्ठित पत्र – पत्रिकाओं में प्रकाशित होती हैं तथा कौशल की बाल कविताएं देश के कई विद्यालयों में पढाई – सुनाई जा रही हैं । इन प्रयासों के लिए कौशल कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित भी हो चुके है ।
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।