नई शिक्षा नीति हेतु संभागीय स्तरीय कार्यशाला में धार जिले के शिक्षाविदों ने दिए सराहनीय सुझाव

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धार |
 *नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति* को लेकर  उत्कृष्ट बाल विनय मंदिर इंदौर में शिक्षा महाविद्यालय देवास द्वारा आयोजित संभागीय स्तरीय  कार्यशाला में धार जिले के *जयन्त जोशी, शिक्षाविद  महेंद्र शर्मा डाइट प्राचार्य , केशव वर्मा, एडीपीसी रमसा, ठाकुरलाल मालवीय एपीसी, जिला शिक्षा केन्द्र ,सोमला सिसौदिया प्राचार्य माडल स्कूल एवं गोपाल कौशल सहायक अध्यापक* ने सहभागिता कर अपने प्रभावी सुझाव देकर प्रस्तुत किए जिन्हें काफी सराहा गया । इस अवसर पर *शिक्षक गोपाल कौशल ने आठ बिंदुओं पर अपने व नवोदय क्रांति परिवार द्वारा दिए सुझावों का फोल्डर भी जेडी मनीष वर्मा को प्रदान किया ।* जेडी वर्मा ने बताया कि प्राप्त उत्कृष्ट सुझावों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय भेजा जाएंगा । उक्त संभागीय कार्यशाला के मुख्य अतिथि श्री मनीष वर्मा, संयुक्त संचालक, इंदौर संभाग , के. के . पांडेय  शिक्षाविद्,  श्रीमती शर्मा प्राचार्य शिक्षा महाविद्यालय देवास  ने समन्वय कर कार्यशाला का मार्गदर्शन किया। कार्यशाला में  चर्चा के  दौरान उभरे संशोधनों और सुझावों को भारत सरकार को भेजा जाएगा।
            #गोपाल कौशल
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।