दहेज एक दानव नामक टेलीफिल्म का हुआ फिल्मांकन 

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आगरा |
विश्वशांति मानव सेवा समिति (आगरा) के सौजन्य से दहेज एक दानव नामक टेलीफिल्म का फिल्मांकन किया गया | जो मुकेश कुमार ऋषि वर्मा की लघुकथा हाय पर आधारित है | इस टेलीफिल्म में दिखाया जायेगा कि वर पक्ष यानी लड़के का पिता अपने बेटे की कीमत अचानक से बढ़ा देता है, क्योंकि लड़के का पुलिस में चयन हो जाता है | जिससे कन्या पक्ष यानी लड़की के पिता को रिस्ता टूटने का सदमा लग जाता है | हालांकि वाद में एक भयंकर एक्सीडेंट होने से लड़के के पिता को अपनी गलती का एहसास हो जाता है और फिल्म का अंत सकारात्मक रुप में होता है |
दहेज एक दानव के निर्माता – निर्देशक हैं जय किशन सिंह एकलव्य, कैमरा – राजकुमार निषाद व मुकेश कुमार ऋषि वर्मा (टीम) और कलाकार हैं, अजब सिंह बघेल, अनीता देवी, मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, जय किशन सिंह, राकेश वर्मा, मोहर सिंह निषाद, अवधेश कुमार निषाद, उषा बघेल, प्रीतम निषाद आदि |
दहेज एक दानव को जल्द विश्वशांति मानव सेवा समिति के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया जायेगा और लोकल टी. वी. कैबिल चैनलों पर भी प्रसारित किया जायेगा | कुलमिलाकर विश्वशांति मानव सेवा समिति की यह पहल बहुत ही काबिले तारीफ है |
# बृजलोक अकादमी
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।