जयहिंद

1
Read Time2Seconds
garima sinh
हम गौरवशाली झंडे का शान नही झुकने देंगे
भारत की पावन भूमि का अभिमान नही मिटने देंगे!!
चाहे तुमको सरहद की परवाह नही हो नेता जी
पर हम अपने वीरों का बलिदान नही बिकने देंगे!!
गर सीमा पर पड़े जरूरत जान न्योछावर करने की
हम सब लहू का कतरा,कतरा हँसकर न्योछावर कर देंगे!!
चाहे तुम  कुर्सी की खातिर टुकडों,टुकडों में बट जाना
हम अपने स्वर्णिम भारत का इतिहास नही बटने देंगें!!
ये भूमि वीरों के बलिदानों की अमर कहानी है
जो मिटकर भी अमर हुवे हैं उनकी ये अमिट निशानी है!!
तुम बिक जाओ तिनका, तिनका हमको कोई परवाह नही
हम भारत की पावन माटी का एक तिनका नही बिकने देंगे!!
जब तक तन में साँस बची आस नही हम छोड़ेंगे
यूँही  ऐरो गैरों के आगे हाँथ नही हम जोड़ेंगे!!
हम कुछ गन्दे लोगों की खातिर वतन का ये सम्मान नही खोने देंगे
वीरों के बलिदान को हरगिज नीलाम नही होने देंगे!!
बिक जाए कुछ रुपयों की खातिर ऐसा अपना ईमान नही
तुमको देशप्रेमियों की सच्ची पहचान नहीं!!
तुम्हें इज़ाज़त है तुम सरहद पार ही जाकर बस जाना
हम अपने इस पावन देश में गद्दारों का सत्कार नही होने देंगे!!
तुमको शायद अपनी बदनामी की कोई परवाह नहीं
हमको भी सत्ता के गलियारों की कोई चाह नही!!
हम कलम क्रांति के प्रहरी हैं आवाज नही दबने देंगें
सत्ता के डर से मानवता की भेंट नही चढ़ने देंगे !!
हम गौरवशाली झंडे का शान नही झुकने देंगे
भारत की पावन भूमि का अभिमान नही मिटने देंगे!!
#गरिमा सिंह
परिचय- 
नाम-  गरिमा अनिरुद्ध सिंह
साहित्यिक उपनाम-मधुरिमा
राज्य-गुजरात
शहर-सूरत
शिक्षा- एम ए प्राचीन इतिहास
कार्यक्षेत्र-शिक्षण
विधा – हास्य ,वीर रस ,शृंगार
0 0

matruadmin

One thought on “जयहिंद

  1. ☘☘
    बहुत ही बेहतरीन अप्रतिम शानदार अद्भुत अविस्मरणीय उत्कृष्ट सर्जन है आपका| अविरल लय से सुसज्जित उत्तम शब्द संयोजन से परिपूर्ण ओजस्वी तेजस्वी रचना के लिए आदरणीया गरिमा अनिरुद्ध सिंह जी आपको हृदय तल से बधाई एवं शुभकामनाएँ|
    डॉ० राहुल शुक्ल ‘साहिल’
    इलाहाबाद उ० प्र०
    9264988860

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

मंच क्या उनको मिला

Sat Aug 11 , 2018
आज अपने ही सुजन कितने दलों में बँट गये, कुछ सहज गद्दार लोगों से ही नाहक पट गये! ००० जिनका परिचय वास्तव में गोष्ठियों से ही बढ़ा, मंच क्या उनको मिला वह गोष्ठियों से हट गये! ००० साथ देने का वचन जो नित हमें देते रहे, आज वह अपने ही […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।