चलो करे मतदान रे भइया चलो करें मतदान

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rishabh radhe

निज अधिकार समझके अपने मत का करले दान
रे भइया चलो करे मतदान रे भइया चलो करे मतदान
पाँच वर्ष पश्चात मिला है हम सबको फिर से मौका
लोकतंत्र के महा पर्व में क्यों तुम सब अनजान
बहना भाई चाची ताई दादा दादी सब सुनलो
अबकी बढ़ चढ़के करना है मत का हमको दान
जतिवाद या लोभ मोह बस नही करें ये काम
क्योंकि इससे राष्ट्र का अपने होता है अपमान
स्वस्थ स्वच्छ सरकार बनाने सुनना मेरी पुकार
भइया चलो करे मतदान रे भइया चलो करें मतदान
मत केवल अधिकार नही है ये अपना कर्तव्य है
इसलिये मत डाल के अपना खुद का करो सम्मान
सास ससुर को लेकर बहुयें वोट डालने को जाये
भारत मे अब ऋषभ शुरू हो ऐसा इक अभियान
रे भइया चलो करे मतदान रे भइया चलो करे मतदान
#ऋषभ तोमर(राधे)

परिचय : ऋषभ तोमर(राधे) मध्यप्रदेश के शहर अम्बाह (जिला मुरैना) में रहते हैंl इनकी आयु २० वर्ष है,और लिखने का शौक रखते हैंl 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।