ख़त

Read Time3Seconds
krishn kashyap
ये जीवन मेरा  कोरा  कागज़,
खुशियों का ख़त लिख दे रब।
आश  लगाए  बैठा  हूं मन में,
तेरा संदेशा आएगा अब-तब।
सफ़र  लंबा  इस  जीवन  का,
दुर्घटनाओं से बचाना हर पल।
दुर्गम पहाड़ चट्टान को चीरता,
जैसे नदी  मदमस्त कल-कल।
स्नेह करूणा के  हर अक्षर हो,
तेरी कृपा ख़त का अभिलाषी।
बस कोरा कागज़ मेरा जीवन,
भर दे  कोई रंग  हो इंद्रधनुषी।
लक्ष्य मेरा सुख-चैन नहीं, पर,
वसुधैव कुटुंबकम् की भावना।
लिख  दे शौर्य ख़त जीवन मेरे,
कर सकूं मुश्किलों का सामना।
             #कृष्ण कुमार कश्यप
                  गरियाबंद(छत्तीसगढ़)
परिचय-
नाम –      कृष्ण कुमार कश्यप
पिता का नाम- श्री ज़ोहर राम कश्यप
जन्म स्थान – उरमाल
शिक्षा – बी.ए. डी.एड. 
व्यवसाय – शिक्षक (नौकरी)
भाषा ज्ञान – हिन्दी , छत्तीसगढ़ी
राज्य – छत्तीसगढ़
विधा – गीत, ग़ज़ल, कविता, लघुकथा, कहानी
प्राप्त सम्मान – रामेश्वर दूबे साहित्य सम्मान,
                     साहित्य सम्राट सम्मान,
                     साहित्य ग़ौरव सम्मान।
                     अज्ञेय लघुकथा कार सम्मान।
 
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

जिंदगी यही तो है...

Sat Jul 20 , 2019
जिंदगी यही तो है… कुछ पूरी कुछ अधूरी… परिवार साथ है तो पूरी… और दूर, तो अधूरी… एक ऐसी प्यास जो ना बुझती कभी… ऐसी भूख जो ना लगती कभी… एक अहसास है… कुछ पाने का कुछ खोने का… यही तो है जिंदगी… कुछ पूरी कुछ अधूरी। सांसें नहीं है […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।