काव्य रंगोली

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babulal sharma
*पूजा की थाली सजती है*
*अक्षत पुष्प रखें रोली।*
*काव्यजगत में ध्रुव सी चमके,*
*कवि प्रिया,काव्य रंगोली।*
.               👀👀
*हिन्दी साहित सृजन साधना,*
*साध करे भाषा बोली।*
*कविता गीत गजल चौपाई,*
*लिखे कवि काव्य रंगोली।*
.               👀👀
*दोहा छंदबद्ध कविताई,*
*मुक्तछंद,प्रीत ठिठोली।*
*प्रेम रीति शृंगार सलौने,*
*पढ़ि देख काव्य रंगोली।*
.             👀👀
*लिखे सभी पर्व की बातें,*
*ईद दीवाली व होली।*
*गंगा जमनी रीत निभाती,*
*अरमान काव्य रंगोली।*
.            👀👀
*नीरज खिलते काव्य सरोवर,*
*बीच सभा कविजन टोली।*
*करे पुरस्कृत कलमकार को,*
*यही वह काव्य रंगोली।*
.            👀👀
*रामायण गीता की बातें,*
*बाइबिल कुरान सतोली।*
*देश धर्म मर्याद मुसाफिर,*
*पथ,यही काव्य रंगोली।*
.              👀👀
*देश सुरक्षा,सीमा रक्षा,*
*शत्रु की छाती में गोली।*
*जागरूक साहित्यिक प्रहरी,*
*रहे प्रिय काव्य रंगोली।*

नाम– बाबू लाल शर्मा 
साहित्यिक उपनाम- बौहरा
जन्म स्थान – सिकन्दरा, दौसा(राज.)
वर्तमान पता- सिकन्दरा, दौसा (राज.)
राज्य- राजस्थान
शिक्षा-M.A, B.ED.
कार्यक्षेत्र- व.अध्यापक,राजकीय सेवा
सामाजिक क्षेत्र- बेटी बचाओ ..बेटी पढाओ अभियान,सामाजिक सुधार
लेखन विधा -कविता, कहानी,उपन्यास,दोहे
सम्मान-शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र मे पुरस्कृत
अन्य उपलब्धियाँ- स्वैच्छिक.. बेटी बचाओ.. बेटी पढाओ अभियान
लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।