ऑचलिक बोली में जुटेंगे देश के कोनें कोनें से साहित्यकार साहित्य संगम संस्थान की अद्वितीय पहल

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साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा मासिक ऑनलाइन कवि सम्मेलन माह के प्रथम रविवार को मनाया जाता है जिसमें क्षेत्रीय बोली में कवियों की प्रस्तुति होती है,साहित्य का यह कार्य अद्वितीय व सराहनीय है।देश के कोने कोनें से यह आयोजन में जुटेगे 7 अप्रैल 2019 को मनाया जायेगा  कवि मनीषियों की महफिल कार्यक्रम की अध्यक्ष महोदया मीना भट्ट जी लोकायुक्त जबलपुर पूर्व जिला न्यायाधीशा ,मुख्यातिथि आदरणीय चन्द्रपाल सिंह जी चन्द्र जी रायबरेली,विशिष्ट अतिथि आदरणीय एन एस गोहिल जी राजस्थान ,संयोजक/संचालक आ०राजेश तिवारी रामू जी सतना,अधीक्षक रिखब चंद राँका कल्पेश जी जयपुर रहेगे ऑचलिक बोली विकास में प्रस्तुति रचनाकार
राजवीर मंत्र ,राजेश शर्मा पुरोहित,लता खरे छगन लाल गर्ग विज्ञ,मनोज सामरिया मनु,राजेश कुमार तिवारी रामू,रिखब चन्द राँका ‘कल्पेश’,नीलिमा तिग्गा निलांबरी,नवल किशोर सिंह,कैलाश मंडलोई ,पुरुषोत्तम प्रजापति,रवि रश्मि अनुभूति जी,अनीता मंदिलवार,सरिता श्रीवास्तव,कुमुद श्रीवास्तव,प्रणाली कदम,टी आर चौहानकिशन लाल अग्रवाल ,मीना भट्ट, सरोज सिंह ठाकुर, सांवर रासी वासिया,राजीव डोगरा,आदेश पंकज,प्रकाश चंद्र जागीड़ पिड़वा, नवीन कुमार भट्ट नीर,इंदू शर्मा जी,कल्पना खूबसूरत ख्याल,प्रेम लता मिश्रा आगरा,महिमा दुबे जी,सुनील कुमार अवधिया मुक्तानिल,भावना शिवहरे,आशीष पाण्डेय जिद्दी ,महालक्ष्मी सक्सेना मेधा मैनपुरी,हरीश विष्ट,कुमाउनी,
रामजस त्रिपाठी नारायण ,भगवान पाटीदार जी,रजनी गुप्ता ,शिवशंकर बोहरा,तामेश्वर जी,भावना शिवहरे,गीता गुप्ता मन अपनी प्रस्तुति देकर ऑचलिक बोली को अग्रणी बनायेगे।

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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।