आमजा भारत’ संस्था ने हिन्दी के लिए दिया समर्थन

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इंदौर |

भारत में पत्रकार सुरक्षा और पत्रकारों के हितों के लिए कार्यरत संस्था ‘ऑल मीडिया एण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आमजा) ने हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु प्रतिबद्ध मातृभाषा उन्नयन संस्थान को 5000 पत्रकारों के साथ समर्थन दिया|
लखनऊ से संचालित आमजा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने मातृभाषा हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु संचालित हस्ताक्षर बदलों अभियान को संस्था के समस्त पत्रकारों के साथ समर्थन देते हुए देश में हिन्दी के प्रचार-प्रसार हेतु कार्य करने व हस्ताक्षर हिन्दी में बदलने हेतु कार्य करने की वचन बद्धता की|
उक्त समर्थन पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ ने हर्ष व्यक्त करते हुए आमजा का स्वागत किया, और कहा कि ‘लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को प्रतिनिधि संस्था का हिन्दी के सम्मान में साथ आना, हिन्दी आन्दोलन को गति प्रदान करेंगा|
उक्त समर्थन पर संस्थान की राष्ट्रीय महासचिव डॉ प्रीति सुराना व समस्त राष्ट्रीय पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्यों सहित मध्यप्रदेश प्रान्त के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश कमल आदि ने बधाईयाँ दी | हिन्दी के सम्मान में हर भारतीय मैदान में आने पर हर्ष व्यक्त किया|

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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।