आज के कवि एवं उनकी कविता

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rambahadur

एयर कंडीशन में बैठकर जंक फूड खाते खूब

बागों के झुरमुट से रहे सदा अंजान से।
लिखते कविता जरूर मगर कविता होती गद्य
कभी खेतों में पांव न रखा रिश्तों से रहे विरान।
लंदन में बैठकर कविता करते नहीं है कोई ज्ञान
ये तो पैसे वाले हैं भला क्या जाने संवेदना का नाम।
रैंप पर कैटवॉक करना देखकर पहनने सीखा वस्त्र
इज्जत आबरू क्या पता केवल पैसा इनका अस्त्र।
हंसकर चलते बड़े शान से क्योंकि खुले हैं अधोवस्त्र
वियोगी होगा पहला कवि आह से उपजा होगा गान।
हमने तो यही पढ़ा था रिश्तों का रहता था बहुत मान
अब ये परदेशी कविता लिखें जैसे चले हवाई जहाज
जैसे
“मैं एक दिन जा रहा था
रास्ते में एक आदमी मिला।
वह बीमार था रो भी रहा था
पता चला उसकी पत्नी नहीं थी।
हमने उसे वृद्धाश्रम का रास्ता दिखा दिया
मैं बूढ़ा और NRI हूं वहीं तो रहता हूं।”
#राम बहादुर राय “अकेला”
एम.ए.(हिन्दी, इतिहास ,मानवाधिकार एवं कर्तव्य, पत्रकारिता एवं जनसंचार),बी .एड.
मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं स्वतंत्र पत्रकार,
बलिया (उत्तर प्रदेश)
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।