अनमोल बंधन

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 gunjan agewal
अनमोल बड़ा है ये बंधन,
पावन रिश्ता रक्षाबंधन।
उमड़-उमड़ के मन है जाता,
जब-जब रक्षाबंधन आता।
मन नेह दीप तब जल उठते,
यादों में तेरी जब घिरते।
भाई के मस्तक का चन्दन…
पावन रिश्ता रक्षाबंधन…….ll
माना हम खूब लड़ा करते,
आंखों से भी मोती झरते।
पल में यूँ रूठ दिखाना था,
इक़ पल में गले लगाना था l
रोली-मौली शुभ ये वंदन…
पावन रिश्ता रक्षाबंधन….ll
रेशम के कच्चे धागों में,
मन प्रेम समर्पित रागों में l
दुःख में सुखदा का है सानी,
रिश्ता होता ये नूरानीl
हर मन का है `अनहद गुंजन…`
पावन रिश्ता रक्षाबन्धन…..ll

                                                                              #गुंजन अग्रवाल

परिचय : गुंजन अग्रवाल लेखकीय क्षेत्र में अनहद गुंजन  गूंज के नाम से जानी जाती हैंl  आप हरियाणा राज्य के फरीदाबाद शहर से हैंl

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Tue Aug 8 , 2017
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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।