अटल जी

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परम् पूजनीय युगपुरुष , सदी के महानायक हमारे पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी जी को अश्रुपूरित भावभीनी श्रद्धांजलि नमन ॐ शान्ति
रो रही है धरती माता  ,
               रो रहा सारा आसमान ।
अटलजी आपके जाने से ,
                  रो रहा भारत महान ।।
खुशिया छायी होगी चहुँओर ,
                      देवों के दरबार में ।
चल दिया एक फरिश्ता ,
                जमीन से आसमान में ।।
आसमाँ खूब बरस रहा ,
                दुःखी होके आज यहाँ ।
भारत माँ का लाडला अटल ,
                छोड़कर चला ये जहां ।।
स्वच्छ राजनीति बनायी,
               हो आप भारत की शान ।
अटल रहे ,अमर रहे ,
              भारत रत्न अटल महान ।।
निःस्वार्थ भाव से अपना  ,
          जीवन देश को अर्पण किया ।
महानायक थे आप देश के ,
      जनता के सुख-दुःख को जिया ।।
राष्ट्रनेता , राष्ट्र कवि ,
              कलम के थे आप जादूगर ।
युगऋषि थे अटल जी ,
            थे आप भारत के सिकन्दर ।।
हिंदुस्तान के युग पुरुष ,
          अमन शान्ति का दिया पैग़ाम ।
अब आसमाँ में अटल रहेंगे ,
                 याद आएंगे सुबह-शाम ।।
एक युग का अंत हुआ ,
               शब्दों का सूरज डूब गया ।
साहित्य जगत हिल गया ,
              कलम का साथ छुट गया ।।
15 अगस्त को ना झुके तिरंगा ,
             मौत की एक दिन हरा दिया ।
जाते-जाते भी अटल जी ने ,
              देशप्रेम अपना दिखा दिया ।।
अटल जी को शत-शत नमन ,
              “जसवंत”की कलम रोती है ।
अटल जी हमेशा अमर रहेंगे ,
               भारत के कोहिनूर मोती है ।।

नाम – जसवंत लाल बोलीवाल ( खटीक )

पिताजी का नाम – श्री लालूराम जी खटीक ( व.अ.)

माता जी का नाम – श्रीमती मांगी देवी

धर्मपत्नी – पूजा कुमारी खटीक ( अध्यापिका )

शिक्षा – B.tech in Computer Science

व्यवसाय – मातेश्वरी किराणा स्टोर , रतना का गुड़ा

राजसमन्द ( राज .) 

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अटल

Fri Aug 17 , 2018
व्यक्ति नही फ़रिश्ता था उनसे गजब का रिश्ता था जीवन मे उनके कविता थी वाणी मे बहुत मधुरता थी सोच समझकर बोलते थे एक एक शब्द तोलते थे दल से ऊंचा कद था उनका सत्यवादी मन था उनका राष्ट्र के वे सजग नेता थे पत्रकारिता के प्रणेता थे भारत के […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।